कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को मांग की कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाया जाए और उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया के ज़रिए असली वोटरों के नाम हटाकर कई राज्यों में विधानसभा चुनाव करवाए।
बनर्जी ने दोपहर में फेसबुक पर लाइव आकर CEC की गिरफ्तारी की मांग की। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के शीर्ष अधिकारियों के बीच मतभेदों की खबरों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि CEC के "गलत काम" अब सबके सामने आ गए हैं।
उनके अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को हाईजैक करने, वोटर लिस्ट में हेरफेर करने और प्रशासनिक दखलंदाज़ी के ज़रिए CEC ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कई राज्यों में विधानसभा चुनाव जीतने में मदद की, जिसमें इस साल की शुरुआत में पश्चिम बंगाल का चुनाव भी शामिल है।
बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा, "अब मेरी मांग है कि पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर दोबारा वोटिंग कराई जाए। ज्ञानेश कुमार का पर्दाफ़ाश हो चुका है।"
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि CEC ने पहले 2024 के लोकसभा चुनावों में BJP को केंद्र में सत्ता हासिल करने में मदद की और बाद में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव जीतने में भी मदद की।
बनर्जी ने कहा, "मौजूदा CEC ही 2024 में BJP को सत्ता में वापस लाने के लिए पूरी तरह ज़िम्मेदार थे। वह इस पद के लायक नहीं हैं। BJP जो तानाशाही चला रही है, उसके लिए वही पूरी तरह ज़िम्मेदार हैं। ज्ञानेश कुमार ने एक के बाद एक चुनावों में पुलिस और केंद्रीय बलों का गलत इस्तेमाल किया है। जब तक वह इस पद पर हैं, उनके खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। भले ही उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन स्पीकर ने इसे लोकसभा में पेश करने की इजाज़त नहीं दी। उन पर सिर्फ़ महाभियोग ही नहीं चलना चाहिए, बल्कि उन्हें गिरफ्तार भी किया जाना चाहिए।"
उन्होंने पश्चिम बंगाल में BJP की मौजूदा राज्य सरकार पर भी तीखा हमला बोला।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "पिछले चार महीनों में लगभग 65 लोग मारे गए हैं। राज्य पुलिस BJP के एक अंग के तौर पर काम कर रही है। लेकिन मैं पुलिस को चेतावनी देना चाहती हूं। BJP हमेशा सत्ता में नहीं रहेगी। लेकिन उन्हें अपने परिवारों के साथ इसी राज्य में रहना होगा।"