पश्चिम बंगाल :  पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के काफिले पर हुए कथित हमले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में टीएमसी सांसद और अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ममता बनर्जी के वाहन पर हुए विरोध और कथित पथराव की घटना को बेहद शर्मनाक करार देते हुए भाजपा की राजनीति पर सवाल उठाए। शत्रुघ्न सिन्हा ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता में आने से पहले बदलाव की बात करती थी, लेकिन सत्ता हासिल करने के बाद उसकी राजनीति बदले की दिशा में चली गई है।
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान शत्रुघ्न सिन्हा ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर वोट बांट दिए गए और इस प्रक्रिया के दौरान हुई कथित अनियमितताओं को जनता देख रही है। उन्होंने दावा किया कि तमाम साजिशों और विरोध के बावजूद ममता बनर्जी को करीब 41 प्रतिशत वोट हासिल हुए। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अगर भाजपा बदलाव के नारे के साथ सत्ता में आई थी तो उसे बदलाव की राजनीति पर ध्यान देना चाहिए था, न कि बदले की राजनीति करनी चाहिए।
ममता बनर्जी के साथ यह घटना रविवार को उत्तर 24 परगना जिले में हुई थी। वह तृणमूल कांग्रेस के एक मृत कार्यकर्ता के परिजनों से मिलने जा रही थीं। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहन को घेर लिया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की ओर से ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए जाने की बात सामने आई। इसके अलावा ममता बनर्जी के वाहन पर कथित तौर पर कीचड़, जूते और पत्थर फेंके गए। घटना के दौरान मौके पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई और ममता बनर्जी को पुलिस सुरक्षा घेरे के बीच वहां से गुजरना पड़ा।
ममता बनर्जी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया था कि उनकी सुरक्षा को खतरे में डाला गया। उन्होंने कहा था कि उनकी कार पर पत्थर, जूते और कीचड़ फेंके गए। ममता के मुताबिक, उनकी गाड़ी पर ईंट के बड़े टुकड़े भी फेंके गए और यदि इनमें से कोई उनके सिर पर लगता तो गंभीर चोट लग सकती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस को अपने कार्यक्रम की जानकारी पहले ही दे दी थी, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को संरक्षण दे रही थी और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है। उन्होंने कहा कि यह घटना किसी साजिश का हिस्सा हो सकती है और इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। ममता बनर्जी ने भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्हें निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर गुंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
हालांकि, भाजपा ने ममता बनर्जी के वाहन पर किसी भी तरह के हमले का समर्थन करने से इनकार किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि पार्टी ऐसी किसी भी घटना का समर्थन नहीं करती। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित संलिप्तता से भी इनकार किया। उनका कहना था कि यदि वास्तव में ऐसी घटना हुई है तो राज्य सरकार और पुलिस को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं, भाजपा नेता और विधायक सुदीप्त दास ने ममता बनर्जी पर इस घटना का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। इससे साफ है कि घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने बयान में भाजपा पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी नेता के खिलाफ हिंसक या अपमानजनक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक मतभेदों के बावजूद लोकतांत्रिक मर्यादाओं और कानून-व्यवस्था का पालन होना जरूरी है।
ममता बनर्जी के काफिले के साथ हुई इस घटना ने राज्य में राजनीतिक तनाव को एक बार फिर सामने ला दिया है। एक तरफ टीएमसी इसे गंभीर सुरक्षा चूक और राजनीतिक साजिश बता रही है, जबकि भाजपा घटना में अपनी भूमिका से इनकार कर रही है। ऐसे में अब पुलिस और प्रशासन की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि प्रदर्शन के दौरान वास्तव में क्या हुआ और कथित पथराव के लिए कौन जिम्मेदार था। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर पश्चिम बंगाल की सियासत में बयानबाजी लगातार जारी है।
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