शिमला। लगातार हो रही बारिश के बीच राजधानी शिमला में जर्जर भवनों को लेकर खतरा बढ़ गया है। नगर निगम ने शहर के करीब 150 अनसेफ भवनों के मालिकों और उनमें रह रहे लोगों को दोबारा नोटिस जारी कर तत्काल भवन खाली करने के निर्देश दिए हैं। निगम का कहना है कि बरसात के दौरान ये भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। चेतावनी के बावजूद भवन खाली नहीं करने पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। नगर निगम के अनुसार वर्ष 2023 की आपदा के बाद कराए गए सर्वे में 150 भवन असुरक्षित पाए गए थे। इनमें कुछ की मरम्मत हो चुकी है, लेकिन अब भी करीब 130 भवनों में लोग रह रहे हैं।
गंज बाजार, जाखू, लोअर बाजार, लक्कड़ बाजार, कृष्णानगर और कैथू क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां कई भवन दशकों पुराने और जर्जर हो चुके हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार तकनीकी जांच में भवन असुरक्षित पाए जाने पर उन्हें खाली कराने और मरम्मत के निर्देश दिए जाते हैं। हालांकि, मालिक-किरायेदार विवाद, अदालतों में लंबित मामले, आर्थिक तंगी और वैकल्पिक आवास की कमी के कारण कार्रवाई प्रभावित हो रही है। निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि बारिश के चलते खतरा बढ़ता है तो प्रशासन स्वयं हस्तक्षेप कर भवन खाली कराएगा और जरूरत पडऩे पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा।