Delhi दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में स्टेट रिसेप्शन की मेजबानी की। इस विशेष समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। केंद्रीय मंत्रियों, राजनयिकों, अलग-अलग क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों ने भी समारोह में शिरकत की। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह समारोह देश की लोकतांत्रिक परंपराओं के साथ भारत की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर बना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह में पहुंचे अतिथियों का स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया।
इस वर्ष के रिसेप्शन की खास बात छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की समृद्ध एवं जीवंत कला, संस्कृति, सदियों पुरानी परंपराओं और व्यंजनों का प्रदर्शन रहा। चारों राज्यों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को समारोह में विशेष स्थान दिया गया। इसके माध्यम से राष्ट्रपति भवन में भारत की विविधता और अलग-अलग क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध आदिवासी एवं लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और विशिष्ट खान-पान के लिए जाना जाता है। वहीं गोवा की सांस्कृतिक परंपराओं में भारतीय और तटीय विरासत की अनूठी झलक दिखाई देती है। मध्य प्रदेश की लोक एवं जनजातीय कला और महाराष्ट्र की ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक परंपराओं ने भी आयोजन को खास बनाया।
समारोह में विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के लाभार्थियों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही। इससे राष्ट्रपति भवन के इस प्रतिष्ठित आयोजन में समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी देखने को मिली। राजनयिक समुदाय के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने समारोह को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप भी प्रदान किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला रिसेप्शन देश की महत्वपूर्ण औपचारिक परंपराओं में शामिल है। इसमें संवैधानिक पदों पर आसीन हस्तियों के साथ सरकार, न्यायपालिका, कूटनीति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि एक साथ शामिल होते हैं। इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से भारत की सांस्कृतिक विविधता को समर्पित रहा। छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की कला, संस्कृति, परंपराओं और खान-पान को मिले विशेष स्थान ने समारोह को अलग पहचान दी। राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस के उत्साह के साथ ‘विविधता में एकता’ की भारतीय भावना का भी प्रतीक बना।
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