New Delhi. नई दिल्ली। राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए आज शाम प्रेसवार्ता में BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा है कि भारत की राजनीति के प्रपंच शिरोमणि और हाइड्रोजन बम का उद्घोष करके हाइड्रोजन गैस लाने वाले महान रसायन वैज्ञानिक राहुल गांधी ने आपके सामने एक बार फिर MPPT का प्रदर्शन किया। राहुल गाँधी ने कहा है कि वो 50 साल से इसको देख रहे है। जबकि उनकी 56 साल की उम्र है और वो 50 साल की उम्र से सारी चीज़े समझ रहे है। इस पर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा उन्हें लगता है कि 5 से 6 वर्ष की उम्र में राजनीति को समझने की ऐसी अद्भुत प्रतिभा सिर्फ पक्की दाढ़ी वाले नौजवान की ही हो सकती है।


लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने गुरुवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के चुनावी प्रक्रिया और एंटी-इनकंबेंसी से जुड़े बयानों पर सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से पेश किए गए तथ्यों और उनके स्रोतों को लेकर भी आपत्ति जताई। सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्हें भाजपा की ओर से राजनीतिक प्रपंच करने वाला बताया। उन्होंने राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तेमाल की गई प्रस्तुति को लेकर कहा कि उन्होंने एक बार फिर पीपीटी के जरिए अपनी बात रखी, लेकिन उसमें इस्तेमाल किए गए स्रोतों और रिपोर्टों का आधार स्पष्ट होना चाहिए।


प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान त्रिवेदी ने राहुल गांधी के उस बयान को भी निशाने पर लिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह करीब 50 वर्षों से भारतीय राजनीति को देख रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने इस पर व्यंग्य करते हुए कहा कि राहुल गांधी की उम्र को देखते हुए इसका अर्थ यह हुआ कि वह पांच-छह वर्ष की उम्र से ही राजनीति को समझ रहे थे। त्रिवेदी ने इसी आधार पर उनकी राजनीतिक समझ पर सवाल उठाए। भाजपा प्रवक्ता ने एंटी-इनकंबेंसी के मुद्दे पर भी राहुल गांधी के तर्कों का विरोध किया। उन्होंने तमिलनाडु, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के चुनावी इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि कई राज्यों में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता में वापस नहीं आ सकी है। त्रिवेदी ने दावा किया कि राहुल गांधी का एंटी-इनकंबेंसी को लेकर दिया गया तर्क भारतीय राजनीति की पूरी तस्वीर पेश नहीं करता।

इससे पहले राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की। राहुल गांधी ने दावा किया कि अलग-अलग राज्यों के चुनावों में गड़बड़ी हुई और चुनावी व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। ये कांग्रेस नेता के आरोप हैं; भाजपा और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उसके जवाब अलग हैं। राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद भाजपा की ओर से सुधांशु त्रिवेदी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने राहुल के आरोपों को खारिज करते हुए चुनावी इतिहास, एंटी-इनकंबेंसी और चुनाव आयोग से संबंधित उनके दावों पर सवाल उठाए। इसके साथ ही दोनों दलों के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
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