रियाद। सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर हूती विद्रोहियों की बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किए जाने का दावा सामने आया है। 12 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पोस्ट में कहा गया है कि हूती मिसाइल ने रियाद को निशाना बनाया। हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पोस्ट में सऊदी अरब की हवाई सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही इजरायल और सऊदी अरब के बीच संबंध सामान्य बनाने की संभावनाओं को लेकर भी टिप्पणी की गई है।
इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम का किया जिक्र
सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि यदि सऊदी अरब ने इजरायल के साथ संबंध सामान्य किए होते, तो उसे इजरायल की उन्नत वायु रक्षा प्रणालियां मिल सकती थीं। पोस्ट लिखने वाले ने सऊदी अरब की नीतिगत प्राथमिकताओं की आलोचना करते हुए कहा कि देश के पास बेहतर हवाई सुरक्षा व्यवस्था हासिल करने का अवसर हो सकता था। हालांकि, यह एक राजनीतिक टिप्पणी है, न कि किसी रक्षा समझौते या मिसाइल हमले का आधिकारिक प्रमाण।
रियाद एयरपोर्ट पर हमले की पुष्टि
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमला हुआ था। इस हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए। इसके अगले दिन भी एयरपोर्ट पर हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और 11 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई। हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है।
हवाई सुरक्षा व्यवस्था की जांच
लगातार हुए हमलों के बाद सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली पर सवाल उठे हैं। सऊदी अधिकारियों ने इस बात की जांच शुरू की है कि मिसाइल और ड्रोन हमलों को समय रहते क्यों नहीं रोका जा सका।इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने पर सऊदी अरब को बेहतर रक्षा प्रणालियां मिल सकती थीं, यह सोशल मीडिया पोस्ट में व्यक्त राय है। इसकी किसी निश्चित रक्षा समझौते के रूप में पुष्टि नहीं हुई है।
Tags: