BREAKING: कांवड़ यात्रा के दौरान दर्दनाक हादसा, चार युवकों की डूबने से मौत

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Update: 2026-07-31 14:09 GMT
Haridwar. हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में चार कांवड़ियों की गंगनहर में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के जटवाड़ा पुल के पास हुआ, जहां चंडीगढ़ से गंगाजल लेने आए युवकों का एक समूह स्नान कर रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक युवक गहरे पानी में फंसकर डूबने लगा। उसे बचाने के लिए उसके तीन साथी भी पानी में उतर गए, लेकिन वे भी तेज बहाव और गहरे गड्ढे की चपेट में आ गए। देखते ही देखते चारों युवक पानी में लापता हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जल पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा। तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। काफी देर तक चले अभियान के बाद चारों युवकों के शव गंगनहर से बरामद कर लिए गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कांवड़ यात्रियों के बीच भी शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के मुताबिक, मृतक सभी युवक चंडीगढ़ निवासी थे और अपने करीब 20 साथियों के साथ हरिद्वार गंगाजल लेने पहुंचे थे। हरकी पैड़ी से जल भरने के बाद अधिकांश साथी वापस लौट चुके थे, जबकि कुछ युवक पीछे रह गए। इसी दौरान वे जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी कम होने के कारण युवक गंगनहर के बीच तक चले गए, लेकिन वहां बने गहरे गड्ढे का उन्हें अंदाजा नहीं था।

बताया जा रहा है कि गंगनहर में सिल्ट हटाने के कारण पानी का स्तर कम किया गया था, जिससे कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए थे। एक युवक अचानक ऐसे ही एक गड्ढे में फंस गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए तीन अन्य साथी भी बिना स्थिति का आकलन किए पानी में उतर गए। दुर्भाग्यवश चारों युवक गहराई और कीचड़ में फंस गए तथा बाहर नहीं निकल सके। घटना के समय मौजूद कांवड़िया साहिल ने बताया कि उसने अपने एक साथी को बाहर निकालने की कोशिश की और उसे बचा भी लिया, लेकिन उसका भाई समेत चार युवक गहरे गड्ढे में फंस गए। कुछ ही देर में स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस और जल पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। पानी का स्तर अपेक्षाकृत कम होने के कारण शवों को जल्द बाहर निकाल लिया गया। एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। प्रारंभिक जांच में इसे डूबने से हुई दुर्घटनात्मक मौत माना जा रहा है। गौरतलब है कि 30 जुलाई से हरिद्वार में कांवड़ मेला शुरू हो चुका है। इस वर्ष चार करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान है। मेले को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रमुख घाटों पर जल पुलिस, गोताखोर और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद कई श्रद्धालु चेतावनी के बावजूद गहरे पानी में उतर जाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। पुलिस और प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर तथा अन्य माध्यमों से श्रद्धालुओं से अपील कर रहे हैं कि वे केवल निर्धारित सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें और गहरे पानी में जाने से बचें। बीते दिनों भी एक कांवड़िया गंगा में डूबने लगा था, जिसे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने समय रहते बचा लिया था। इसके बावजूद लापरवाही की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि धार्मिक आस्था के बीच सुरक्षा नियमों का पालन कितना आवश्यक है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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