अभिजीत दिपके की हिरासत पर CJP का बड़ा कदम, दिल्ली पुलिस को लिखा पत्र
पुलिस के जवाब का इंतजार
दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके की हिरासत को लेकर विवाद बढ़ गया है। संगठन ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए संबंधित थाने के एसएचओ और दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखने का दावा किया है। CJP ने अभिजीत दिपके की हिरासत से जुड़ी तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने और उनकी रिहाई की मांग की है। संगठन ने पुलिस की कार्रवाई को गैरकानूनी बताया है। हालांकि, हिरासत की वैधानिकता पर किसी न्यायिक निष्कर्ष की पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली पुलिस को लिखा पत्र
CJP ने अपने बयान में कहा कि अभिजीत दिपके की तत्काल रिहाई और उनकी हिरासत के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए दिल्ली पुलिस के संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस आयुक्त को पत्र भेजा गया है।
संगठन का आरोप है कि दिपके को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया है। CJP ने उनकी स्थिति स्पष्ट करने और रिहाई की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिए गए थे दिपके
अभिजीत दिपके को 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया था।
इस प्रदर्शन का आयोजन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया था।
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शन से पहले दिपके के आवास पर पहुंचकर उन्हें नोटिस दिया था। बाद में उन्हें हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था का दिया हवाला
दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताएं जताई थीं।
पुलिस की ओर से सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रदर्शन पर प्रतिबंधात्मक कदम उठाए गए थे।
कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। प्रदर्शन के दौरान अन्य कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया।
CJP ने उठाए कानूनी अधिकारों के सवाल
CJP का कहना है कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति के बारे में उसके परिजनों और कानूनी प्रतिनिधियों को आवश्यक जानकारी मिलनी चाहिए।
संगठन ने पुलिस से अभिजीत दिपके के ठिकाने, हिरासत के कारण और उनकी रिहाई के संबंध में स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।
पुलिस के जवाब का इंतजार
अभिजीत दिपके की हिरासत को लेकर CJP और दिल्ली पुलिस के बीच विवाद बना हुआ है।
संगठन के पत्र पर पुलिस आयुक्त या संबंधित एसएचओ की आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। साथ ही पत्र भेजे जाने के बाद दिपके की वर्तमान हिरासत स्थिति भी स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं है।
नोट: गैरकानूनी हिरासत का आरोप CJP का है। इस आरोप को अदालत द्वारा प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।