दिल्ली। भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा कहा जाता है। प्रतिदिन लाखों लोग रोजगार, शिक्षा, इलाज, व्यापार और पारिवारिक जरूरतों के लिए ट्रेनों में सफर करते हैं। लेकिन रेल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। ट्रेनों में कुछ व्यक्तियों द्वारा किन्नर समुदाय के नाम पर यात्रियों से पैसे मांगने, पैसे नहीं देने पर अभद्र व्यवहार करने और कथित तौर पर धमकाने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर रेलवे प्रशासन यात्रियों को इस तरह की परेशानी से कब पूरी तरह राहत दिलाएगा?
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों से गुजरने वाली ट्रेनों में इस तरह की शिकायतों को लेकर समय-समय पर चिंता जताई जाती रही है। हालांकि, देशभर में ऐसी घटनाओं की वर्तमान संख्या का कोई सत्यापित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में स्वेच्छा से पैसे देना अलग बात है, लेकिन किसी पर दबाव बनाकर रकम वसूलना और इनकार करने पर बदसलूकी करना स्वीकार्य नहीं है।
विशेष रूप से लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों, सामान्य श्रेणी और स्लीपर कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और अकेले यात्रा करने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की धमकी या अभद्रता का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस की सक्रिय निगरानी आवश्यक है।
रेल यात्रियों की शिकायतों में एक महत्वपूर्ण मुद्दा यह भी है कि कई बार लोग विवाद से बचने के लिए अनिच्छा से पैसे दे देते हैं। ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों को शिकायत दर्ज कराने के लिए सुरक्षित और सरल व्यवस्था मिलनी चाहिए। किसी व्यक्ति की लैंगिक पहचान चाहे जो भी हो, जबरन वसूली, धमकी और उत्पीड़न के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही पूरे किन्नर समुदाय को कुछ व्यक्तियों के कथित आचरण के लिए जिम्मेदार ठहराना भी उचित नहीं है।
रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 144 में रेल परिसरों और ट्रेनों में भीख मांगने पर प्रतिबंध का प्रावधान है। वहीं धारा 145 के तहत अभद्र भाषा, अशोभनीय आचरण और यात्रियों की सुविधा में बाधा डालने जैसे मामलों में कार्रवाई की व्यवस्था है। रेलवे ने अनधिकृत गतिविधियों को रोकने के लिए नियमित जांच और विशेष अभियान चलाने की जानकारी भी दी है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के बीच बेहतर तालमेल, संवेदनशील रेलमार्गों पर नियमित गश्त और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई से ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
यात्री किसी भी प्रकार की जबरन वसूली, धमकी या उत्पीड़न की शिकायत रेलवे हेल्पलाइन 139 या रेल मदद पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं। शिकायत में ट्रेन नंबर, कोच, घटना का समय और स्थान बताना उपयोगी होगा।अब जरूरत इस बात की है कि रेलवे प्रशासन यात्रियों की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करे और यह सुनिश्चित करे कि देश के किसी भी हिस्से में रेलयात्रा के दौरान किसी व्यक्ति को जबरन पैसे देने के लिए मजबूर न होना पड़े। ट्रेन में सफर करने वाले प्रत्येक यात्री की सुरक्षा, गरिमा और सम्मान की रक्षा करना रेलवे की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
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