सिरमौर की नई ADM एकता कापटा ने संभाला कार्यभार

Update: 2026-07-24 12:15 GMT
Nahan. नाहन। सिरमौर जिला में वर्ष 2011, बैच की एचएएस अधिकारी एकता कापटा बतौर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। करीब 15 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव के बाद नाहन में बतौर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने के उपरांत दिव्य हिमाचल से बातचीत में एकता कापटा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार की योजनाएं जिला प्रशासन के माध्यम से जिला के आम लोगों तक पहुंचे इस दिशा में प्रशासन का प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी के सिरमौर जिला क्योंकि भौगोलिक दृष्टि से काफी कठिन व पिछड़ा हुआ है ऐसे में हर नागरिक तक सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ मिले। इस दिशा में वह सिरमौर जिला के प्रत्येक क्षेत्र का दौरा करेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता रहती है कि शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के साथ अधिकारियों का सीधा जुड़ाव रहे ऐसे में वह सिरमौर जिला के उपायुक्त के निर्देश के अनुसार आम लोगों तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाने का प्रयास करेंगी।

उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला के किसी भी क्षेत्र का व्यक्ति सीधा उनसे अपनी समस्या को लेकर मुलाकात कर सकता है। वर्ष 2011 बैच की हिमाचल प्रशासनिक सेवा की अधिकारी एकता कापटा मूल रूप से शिमला जिला के रोहडू के शलान गांव की रहने वाली हैं । उनकी पहली नियुक्ति खंड विकास अधिकारी परागपुर के रूप में रही तथा उसके बाद 2 साल वह कांगड़ा में बतौर सहायक आयुक्त के रूप में तैनात रहीं । एकता कापटा ने वर्ष 2015 से 2018 तक बतौर एसडीएम सोलन के रूप में कार्य किया है। इसके उपरांत वह 3 वर्ष तक हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग में संयुक्त सचिव के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। साथ ही 6 माह का कार्यकाल उनका राज्य सूचना आयोग में भी रह चुका है।

एकता कापटा ने वर्ष 2021 से 2023 तक महिला एवं बाल विकास विभाग में अतिरिक्त निदेशक के रूप में भी कार्य किया है। उसके पश्चात फरवरी 2024 से जुलाई 2026 तक वह नगर निगम सोलन में बतौर कमिश्नर तैनात रहीं । नाहन में बतौर अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने वाली एकता कापटा की आरंभिक पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय ठियोग मे हुई। उसके बाद उन्होंने आरकेएमवी महाविद्यालय शिमला से बीएससी तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से जूलॉजी में एमएससी के पश्चात एमफिल की पढ़ाई पूरी की है । सेवा कल के उपरांत उन्होंने एमबीए की पढ़ाई भी की है । उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला क्योंकि पहाड़ी क्षेत्र है ऐसे में उनके पैतृक जिला शिमला की लोक संस्कृति पहनावा वेशभूषा बोली उनके जिला से मिलती-जुलती है। ऐसे में वह और अधिक रुचि पूर्ण तरीके से सिरमौर जिला में कार्य करेगी।
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