दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 20 रुपये के नकली सिक्के बनाकर बाजार में सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब एक लाख रुपये मूल्य के नकली सिक्के बरामद किए गए हैं। यह गिरोह नकली सिक्कों को असली बताकर बाजार में खपाने और मोटा मुनाफा कमाने का काम कर रहा था।
डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह निवासी मोहाली, अनुराग पाल उर्फ लंकेश निवासी संत रविदास नगर उत्तर प्रदेश, जनार्दन कुमार चौरसिया उर्फ संतोष निवासी मधुबनी बिहार और पारस जैन निवासी निहाल विहार दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उपकार लूथरा इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना है, जो नकली सिक्कों के निर्माण और उनकी सप्लाई का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
गुप्त सूचना पर क्राइम ब्रांच ने बिछाया जाल
पुलिस के मुताबिक, आठ सितंबर को एसीपी राज कुमार और इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि पारस जैन नामक व्यक्ति सफेद रंग की टोयोटा एटियोस कार से 20 रुपये के नकली सिक्कों की बड़ी खेप लेकर मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचने वाला है। सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी। शाम करीब पांच बजे संदिग्ध कार दिखाई देने पर पुलिस ने उसे घेर लिया और चालक पारस जैन को मौके पर ही पकड़ लिया।
कार की तलाशी के दौरान पिछली सीट से एक काला लैपटॉप बैग और प्लास्टिक के बोरे बरामद हुए। इनकी जांच करने पर 50 पॉलीथिन पैकेट मिले। प्रत्येक पैकेट में 20 रुपये के 100 नकली सिक्के रखे गए थे। इस तरह कुल पांच हजार नकली सिक्के बरामद हुए, जिनका अंकित मूल्य एक लाख रुपये था। पुलिस ने कार, नकली सिक्के और आरोपी का आईफोन जब्त कर लिया।
70 हजार में बेचते थे एक लाख के नकली सिक्के
पूछताछ में पारस जैन ने खुलासा किया कि उसने नकली सिक्कों की खेप मोहाली निवासी उपकार लूथरा से खरीदी थी। पुलिस के अनुसार, उपकार एक लाख रुपये अंकित मूल्य के नकली सिक्के महज 70 हजार रुपये में बेचता था। इसके बाद गिरोह के सदस्य इन सिक्कों को बाजार में चलाकर मुनाफा कमाते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि पारस जैन की गिरफ्तारी के समय उपकार लूथरा नकली सिक्के बनाने वाली अपनी यूनिट को हरियाणा के सोनीपत से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थानांतरित करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस की एसओजी टीम ने उसे साथियों सहित गिरफ्तार कर सहारनपुर जेल भेज दिया।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उपकार लूथरा को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की। उससे मिली जानकारी के आधार पर अनुराग पाल और जनार्दन कुमार चौरसिया को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी उपकार लूथरा का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और बिहार में नकली सिक्के बनाने, हत्या और चोरी सहित छह से अधिक आपराधिक मामलों में संलिप्तता की जानकारी सामने आई है।
क्राइम ब्रांच अब गिरोह के सप्लाई नेटवर्क, नकली सिक्कों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और बाजार में पहुंचाई गई खेपों के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले में अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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