Goa गोवा: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि मछली पालन राज्य की पहचान और अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है और गोवा की आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
मुख्यमंत्री ने मछुआरा समुदाय के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि समुद्र में जाने वाला हर मछुआरा अवसरों के साथ-साथ जोखिम और अनिश्चितता को भी समझता है। समुद्र में हर यात्रा उनके लिए आजीविका कमाने का जरिया होने के साथ कई चुनौतियों से भरी होती है।
सावंत ने कहा कि गोवा में मछली पालन केवल एक आर्थिक गतिविधि नहीं है, बल्कि राज्य की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। पीढ़ियों से मछुआरा समुदाय समुद्र पर निर्भर रहते हुए अपनी आजीविका चलाता आया है और राज्य के स्थानीय जीवन में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मछुआरों की मेहनत और योगदान को देखते हुए उनके हितों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना जरूरी है। समुद्र की बदलती परिस्थितियों के बीच मछुआरों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनके काम को सुरक्षित और अधिक व्यवस्थित बनाने के प्रयास महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि मछली पालन से जुड़े परिवार न केवल अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं, बल्कि यह क्षेत्र स्थानीय बाजारों और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देता है। मुख्यमंत्री ने मछुआरा समुदाय की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि गोवा की पहचान को बनाए रखने में इस समुदाय का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने मछुआरों के कल्याण और क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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