कांवड़ यात्रा 2026: मुजफ्फरनगर में हाई अलर्ट, 4 हजार पुलिसकर्मी तैनात
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Muzaffarnagar. मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक और अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरे जिले को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में आयोजित विशेष ब्रीफिंग के दौरान सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील जनपद है, इसलिए ड्यूटी पर तैनात प्रत्येक पुलिसकर्मी को पूरी सजगता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी ताकि कोई भी असामाजिक या अराजक तत्व किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दे सके।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने ब्रीफिंग के दौरान स्पष्ट कहा कि सभी पुलिसकर्मियों को अपनी "आंख, कान और नाक खुले" रखकर ड्यूटी करनी होगी। उनका आशय था कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, व्यक्ति या वस्तु पर तुरंत नजर रखी जाए और समय रहते कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु जिले से गुजरेंगे, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस वर्ष कांवड़ मेले की सुरक्षा के लिए करीब चार हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 9 कंपनी पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र बल), रैपिड रिस्पांस फोर्स (RRF), आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS), बम निरोधक दस्ता (BDS), एंटी सबोटाज टीम (ASH) और डॉग स्क्वॉड को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है।
आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन कैमरों और हजारों सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे कांवड़ मार्ग और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। बेहतर सुरक्षा प्रबंधन के लिए पूरे जनपद को 9 सुपर जोन, 16 जोन, 230 सब-सेक्टर और 6 सुपर सुपर जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए 6 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), 16 पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और 30 निरीक्षक (Inspector) सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी ड्यूटी पर रहेंगे।
इस बार पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डायनेमिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है। इस आधुनिक प्रणाली के जरिए ड्यूटी पर तैनात प्रत्येक पुलिसकर्मी की लोकेशन की निगरानी की जाएगी। यदि कोई पुलिसकर्मी बिना अनुमति या बिना सूचना दिए ड्यूटी छोड़ता है तो उसकी जानकारी तुरंत सिस्टम में दर्ज हो जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे ड्यूटी में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। मीडिया द्वारा आतंकवाद के खतरे को लेकर पूछे गए सवाल पर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि उन्होंने केवल जिले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुलिसकर्मियों को अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना था कि सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे को पहले ही रोकना है और इसी कारण सभी सुरक्षा बलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान भी लागू किया है। हल्के और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। यात्रा अवधि के दौरान कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम रहे। पुलिस प्रशासन ने आम लोगों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करें। साथ ही श्रद्धालुओं से भी अनुरोध किया गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।