पानी चोरी पर सरकार की बड़ी कार्रवाई, 30 लाख अवैध जल कनेक्शन होंगे रेगुलर
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New Delhi. नई दिल्ली। दिल्ली में पानी की चोरी, बिना बिल जल आपूर्ति और दिल्ली जल बोर्ड के बढ़ते घाटे को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने बुधवार को बताया कि राजधानी में 30 लाख से अधिक लोग बिना बिल के दिल्ली जल बोर्ड का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं। अब सरकार इन सभी उपभोक्ताओं को E-KYC के माध्यम से नियमित (रेगुलराइज) करेगी। इसके लिए व्यापक स्तर पर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा, जिससे पानी की आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और जल बोर्ड के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में इस समय बिजली के 60 लाख से अधिक उपभोक्ता हैं, जबकि दिल्ली जल बोर्ड के पंजीकृत ग्राहकों की संख्या लगभग 30 लाख है। इससे साफ संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में लोग बिना पंजीकरण या बिना बिल के पानी का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, जिसके कारण जल बोर्ड को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही कई उपभोक्ताओं की यह शिकायत भी रहती है कि पानी का मीटर लगा होने के बावजूद समय पर बिल नहीं पहुंचता। सरकार अब इस पूरी व्यवस्था को आधुनिक और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है।
जल मंत्री ने बताया कि सरकार ने इस कार्य के लिए तीन निजी एजेंसियों को नियुक्त किया है। ये एजेंसियां अगले छह महीनों में पूरी दिल्ली में घर-घर जाकर E-KYC करेंगी। इस दौरान प्रत्येक उपभोक्ता का सत्यापन किया जाएगा, पानी के मीटर की स्थिति जांची जाएगी और जिन उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, उन्हें जल बोर्ड के दायरे में लाया जाएगा। इसके अलावा एजेंसियां नियमित मीटर रीडिंग लेने और समय पर बिल जारी करने की जिम्मेदारी भी निभाएंगी। खास बात यह है कि इन कंपनियों को प्रदर्शन के आधार पर भुगतान किया जाएगा, जिससे कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
सरकार ने जल आपूर्ति प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने का भी निर्णय लिया है। पानी के शोधन संयंत्रों और वितरण नेटवर्क में आधुनिक मीटर लगाए जाएंगे, जिनकी मदद से यह पता लगाया जा सकेगा कि कितना पानी शुद्ध किया गया और कितना उपभोक्ताओं तक पहुंचाया गया। इससे पानी की चोरी, रिसाव और अनधिकृत उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
इस महाअभियान को सफल बनाने के लिए लगभग 700 लोगों की विशेष कार्यबल तैयार की जाएगी। इन कर्मचारियों की नियुक्ति अनुबंध के आधार पर होगी। जल मंत्री ने कहा कि भर्ती में उन युवाओं को प्राथमिकता देने का प्रयास किया जाएगा जो SSC-CGL परीक्षा में कुछ अंकों से चयन से वंचित रह गए हैं। इसके अलावा दिल्ली जल बोर्ड में एक नया इंटर्नशिप कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा। इसके तहत हर वर्ष 40 विद्यार्थियों को इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा और उन्हें प्रति माह ₹15 हजार का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और जल प्रबंधन प्रणाली को भी प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होंगे।
दिल्ली सरकार ने जल और सीवर व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ₹2,000 करोड़ का बजट भी स्वीकृत किया है। इस राशि से राजधानी की 244 कॉलोनियों और 57 गांवों में नई सीवर लाइनें बिछाई जाएंगी। इस परियोजना से लगभग 33 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है। सरकार ने इस कार्य को 18 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। साथ ही जिस कंपनी को निर्माण कार्य दिया जाएगा, वही अगले 15 वर्षों तक उसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाएगी, ताकि परियोजना की गुणवत्ता और दीर्घकालिक उपयोगिता बनी रहे।
पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने 15 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रतिदिन) क्षमता की नई जल आपूर्ति परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इनसे लगभग 20 लाख लोगों को अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। वजीराबाद के पॉन्ड क्षेत्र में भी सुधार कार्य किए गए हैं। पहले यहां केवल एक दिन का पानी संग्रहित किया जा सकता था, लेकिन अब क्षमता बढ़ाकर दो से तीन दिन तक का पानी सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में राजधानी को राहत मिल सके।
इसके अलावा सरकार ने 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले स्लज (कीचड़) के वैज्ञानिक निपटान के लिए नया स्लज मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने का निर्णय लिया है। साथ ही नालों की सफाई भी उनके स्रोत पर ही करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे प्रदूषण कम हो और जल निकासी व्यवस्था बेहतर बने। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली की बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और टिकाऊ बनाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन योजनाओं के लागू होने से जल चोरी पर अंकुश लगेगा, जल बोर्ड की आय बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।