BIG BREAKING: लोकसभा से पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल

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Update: 2026-07-29 09:59 GMT
New Delhi. नई दिल्ली। लोकसभा से एंटी पेपर लीक संशोधन बिल पास हुआ है। और लोकसभा से एंटी पेपर लीक संशोधन बिल पास हो गया है. स्पीकर ने लोकसभा कार्यवाही 30 जुलाई 2026 सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनि मत से पास हो गया।
इससे पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेपर लीक से जुड़े बिल पर 50 मिनट स्पीच दी। उन्होंने इडियट और अंधभक्त जैसे शब्द बोले। फिर कहा कि गृहमंत्री ने दिल्ली में छात्रों पर फायरिंग के आदेश दिए। इसको लेकर सत्तापक्ष ने जमकर हंगामा किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 7 बार खड़े होकर राहुल को टोका और संसदीय नियम का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को माफी मांगनी चाहिए। इस पर राहुल ने कहा, ‘अगर आप चाहते हैं कि देश में सिर्फ बीजेपी बोले तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं।’
स्पीकर ओम बिरला ने भी राहुल को 11 से ज्यादा बार टोका। कहा कि वे इस तरह के असंसदीय शब्द नहीं बोल सकते। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पीकर से कहा- इन शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाए। राहुल ने कहा, ‘देश का भविष्य सड़कों पर उतरा। प्रदर्शन में गुस्सा, नफरत नहीं थी। वे केवल अपनी आवाज उठा रहे थे। अगर भाजपा के मेरे मित्र अपने बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन जो कर रहे हैं, उसके बारे में वे क्या सोचते हैं, तो उन्हें अपने बच्चों का भी समर्थन ही मिलेगा।’
पेपर लीक से जुड़े बिल पर आज लगातार दूसरे दिन चर्चा हो रही है। मंगलवार को बिल पर 9 घंटे बहस हुई थी। पहले दिन केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने सरकार का पक्ष रखा। विपक्ष की तरफ से गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव बहस में शामिल हुए। राहुल गांधी ने कहा, 'मैंने कई छात्रों से बातचीत की। खासकर लवली नाम की एक 18 साल की छात्रा से। राहुल ने उसी बातचीत का हवाला देते हुए 'इडियट' और 'अंधभक्त' वाले उदाहरण दिए। सत्ता पक्ष ने इसे असंसदीय बताया। स्पीकर ओम बिड़ला ने इन शब्दों को कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया।
राहुल गांधी ने कहा है कि सिर्फ इतना पूछा है कि दो ही विकल्प हो सकते हैं. पहला विकल्प यह कि गृह मंत्री ने फायरिंग का आदेश दिया या दूसरा विकल्प यह है कि गृह मंत्री को मालूम ही नहीं था कि फायरिंग होने वाली है. पहले मामले में वह दोषी हैं. दूसरे मामले में वह अयोग्य हैं. तीसरा तो कोई विकल्प हो ही नहीं सकता. या तो गृह मंत्री को पता नहीं था कि गोली चल रही है, जिसका मतलब है कि वह अयोग्य हैं या फिर उन्होंने आदेश दिया, जिस स्थिति में वह दोषी हैं. मैं सिर्फ यही कह रहा हूं. यह सीधी-सी लॉजिक है.
राहुल गांधी ने पेपर तैयार करने से पहुंचाने और चेकिंग तक की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि ये एग्जाम सिस्टम नहीं, एक्सटॉर्शन सिस्टम है. ईमानदार छात्र इस दौड़ में पीछे हो रहा है. 30 से 40 लाख में पेपर लीक हो रहा है. राजनाथ सिंह ने कहा था कि ये यूपीए सरकार नहीं है, यहां मंत्रियों के इस्तीफे नहीं होते. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया. उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां शिक्षा व्यवस्था में शामिल हैं. निजी कंपनियां परीक्षा करा रही हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है. धर्मेंद्र प्रधान नहीं, आरएसएस शिक्षा मंत्रालय चला रहा था. राहुल गांधी ने कहा कि हमने गृह मंत्री को कार केड में देखा. वह कहां हैं. उनमें सदन में बैठने का साहस नहीं है. स्पीकर ने कहा कि जिस विधेयक पर चर्चा हो रही है, उसके मंत्री यहां बैठे हैं. आज होम मिनिस्ट्री पर चर्चा नहीं है. जिस विधेयक पर चर्चा है, उसके मंत्री बैठे हैं. यही व्यवस्था रहती है सदन के अंदर. राहुल गांधी ने कहा कि आप छात्रों को गोली मारते हो, गृह मंत्री में साहस नहीं है कि यहां बैठें. इस पर लोकसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह बहुत गलत बात राहुल गांधी ने बोली है. ऐसा नहीं बोल सकते. किस बेस पर ये बात बोली है. आपको फायरिंग के आदेश की बात किसने बताई. ट्रेजरी बेंच से राहुल गांधी के माफी मांगने की मांग उठी, तो विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी. विपक्षी सदस्य गृह मंत्री के माफी मांगने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं.
स्पीकर ने राहुल गांधी से बोलने के लिए कहा और पूछा कि अगर नहीं बोलने चाहते, तो अगले वक्ता को बुलाऊं. ऐसे मौके हमने पहले भी देखे हैं इसी सदन में जब आप नेता सदन को बोलने नहीं देते. किरेन रिजिजू ने कहा कि अच्छी डिबेट चल रही है, आप ऐसी परिस्थिति मत खड़ा कीजिए. प्रधानमंत्री को कई बार बोलने नहीं दिया. आज तो आपने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया. आपके शब्द पर आपत्ति है. इतना ही तो है. आप इमोशनल चेहरा दिखाकर गुमराह नहीं कर सकते. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि इस शब्द का इस्तेमाल किसी के लिए नहीं किया है, बस कैटेगरी बताई है जो है. अगर आप लोग चाहते हैं कि यहां सिर्फ बीजेपी बोले, तो मैं चुप होकर बैठ जाता हूं. कोई दिक्कत नहीं है. जब भी बोलता हूं, रिजिजू जी खड़े हो जाते हैं. आप उनको जगह दे रहे हैं. स्पीकर ने इस पर कहा कि सदन में अच्छी व्यवस्थाएं, मर्यादाएं रही हैं. हमें अच्छी मर्यादा बनाने का प्रयास करना चाहिए. जो सदन में मर्यादा तर्क से बोलता है, देश भी सुनता है और सम्मान भी करता है. शब्दों का चयन ऐसा हो, जो संसदीय मर्यादा के अनुरूप हो. राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस शब्द का उपयोग नेता प्रतिपक्ष ने किया है, वह असंसदीय है और उसे कार्यवाही से निकाल दिया जाए. राहुल गांधी को सुना जाए.
राहुल गांधी ने कहा कि मैंने सोचा, इडियट भी है और स्टूडेंट भी है. उससे पूछा कि ये तीसरी कैटेगरी कहां जाती है- अंध भक्त. ये तीन कैटेगरी हैं. छात्र जो हैं, वह शिक्षा के सिस्टम की बात कर रहे हैं. स्टूडेंट आठ-10 घंटे पढ़ते हैं. एजुकेशन महंगी है. वर्षों पढ़ते हैं. इस पर ट्रेजरी बेंच से सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया. इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि राहुल गांधी असंसदीय शब्द इस्तेमाल नहीं करते हैं. ये तरीके से एक छात्रा के नाम पर वह शब्द बोल रहे हैं. इसे एक्सपंज किया जाए. स्पीकर ने कहा कि जो शब्द असंसदीय होगा, उसे निकाल दिया जाएगा. राहुल गांधी ने कहा कि इडियट शब्द की जगह मैं दूसरा शब्द दे देता हूं. इस पर स्पीकर ने कहा कि इसके लिए आपको व्यवस्था देने की जरूरत नहीं है, मैं व्यवस्था दे चुका हूं. राहुल गांधी ने कहा कि छात्र सजग है, सच्चाई जानता है. एक परीक्षा पर शिक्षा के बजट से ज्यादा खर्च होता है. अंधभक्त मूर्ख को भगवान मानते हैं.
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