जगतसिंहपुर। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जगतसिंहपुर जिले में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) की टीमों ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। प्रशासन ने राज्य सरकार की 'जीरो कैजुअल्टी' यानी शून्य जनहानि नीति को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
जिला प्रशासन और पुलिस मिलकर कर रहे तैयारी
जगतसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक अंकित कुमार वर्मा ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस आपसी समन्वय से काम कर रहे हैं। चक्रवात के संभावित खतरे को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की गई है।
एसपी ने कहा, "नागरिक प्रशासन और जिला पुलिस के बीच बेहतर तालमेल है। आज सभी वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई कि राज्य सरकार की 'जीरो कैजुअल्टी' नीति को सफलतापूर्वक कैसे लागू किया जाए। हमारा मुख्य ध्यान बचाव और पुनर्वास पर रहेगा।"
बचाव और पुनर्वास पर विशेष जोर
बैठक में चक्रवात से प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्यों को लेकर चर्चा हुई।
एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ की टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की रणनीति तैयार की जा रही है।
प्रशासन की प्राथमिकता तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
ओडिशा में 1700 से ज्यादा राहत शिविर तैयार
राज्य सरकार ने चक्रवात से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा में 1,700 से अधिक राहत शिविर तैयार किए गए हैं। इनमें लगभग 135 स्थायी और 1,600 अस्थायी आश्रय स्थल शामिल हैं।
गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
28 अक्टूबर को तट से टकरा सकता है चक्रवात
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, चक्रवात अर्नब के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम तट पर बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच पहुंचने की संभावना है।
इस दौरान हवाओं की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने, समुद्र के नजदीक नहीं जाने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की है।