आज का बड़ा एजेंडा: BJP का मार्च, रक्षा कूटनीति पर चर्चा
आज इन दो बड़े कार्यक्रमों पर रहेंगी सबकी नजरें
दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में बुधवार (28 अक्टूबर) को भारतीय जनता पार्टी बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फिलीपींस में आयोजित आसियान रक्षा मंत्रियों की 13वीं बैठक-प्लस (ADMM-Plus) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। दोनों कार्यक्रम राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
चांदनी चौक में भाजपा का बड़ा मार्च
भाजपा की ओर से दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में पदयात्रा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, सांसद और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। प्रस्तावित यात्रा लाल किले के पास से शुरू होकर चांदनी चौक स्थित टाउन हॉल तक पहुंचेगी। भाजपा इस अभियान के जरिए लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जनता के सामने अपना पक्ष रखेगी।
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर भाजपा का निशाना
यह मार्च ऐसे समय आयोजित हो रहा है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के दलों ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, भाजपा विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखने की अपील कर रही है। विपक्षी गठबंधन ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करने की योजना बनाई है। ऐसे में भाजपा की पदयात्रा को विपक्ष के अभियान के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है।
फिलीपींस में रक्षा मंत्रियों की अहम बैठक
दूसरी ओर, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 28 और 29 अक्टूबर को फिलीपींस के सेबू शहर में आयोजित 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, राजनाथ सिंह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेंगे। इसके अतिरिक्त विभिन्न देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
रक्षा सहयोग मजबूत करने पर रहेगा जोर
इस बैठक में भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान सहित आसियान देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। चर्चा में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषय महत्वपूर्ण रह सकते हैं। भारत की भागीदारी को उसकी 'एक्ट ईस्ट नीति' और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इस प्रकार बुधवार को एक ओर दिल्ली में भाजपा का राजनीतिक अभियान सुर्खियों में रहेगा, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय मंच पर राजनाथ सिंह भारत की रक्षा कूटनीति को आगे बढ़ाएंगे।