पांचवें दिन भगवान नरसिंह की जलेब यात्रा में शामिल हुए आनी के देवी-देवता
Kullu. कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में भगवान नरसिंह की चौथी जलेब में आनी के देवी-देवताओं ने शोभा बढ़ाई। ढोल-नगाड़ों, शहनाई और करनाल की गूंज के बीच निकली जलेब में देवसंस्कृति के रंग देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। उत्सव के पांचवें दिन निकली चौथी जलेब में आनी क्षेत्र के टकरासी नाग, शेषनाग, कोट पझारी, ब्यास ऋषि और खुडीजल देवता शामिल हुए। सोने के आभूषणों से सुसज्जित देवताओं के रथों ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। जलेब यात्रा के दौरान जैसे ही देव वाद्ययंत्रों की धुनें गूंजीं, देवलू नृत्य में रम गए। शहनाई पर कुल्लवी गीतों की स्वर लहरियां उठीं, तो युवाओं ने पूरी परिक्रमा में नाचकर जलेब को शाही रंग दे दिया। जलेब को देखने के लिए ढालपुर में जगह-जगह लोगों की भीड़ जुटी रही। भगवान नरसिंह की जलेब में सुरक्षा घेरे की परंपरा भी निभाई गई। बता दें कि बुधवार को भी जलेब यात्रा होगी। मुहल्ले की बेला पर सबसे पहले देवी-देवता भगवान रघुनाथ जी के शिविर में हाजिरी भरेंगे। चार बजे जलेब यात्रा होगी। मुहल्ले के दिन यानी 26 अक्तूबर को ढालपुर में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में विराजमान देवी-देवता अपने शिविरों से बाहर निकलेंगे और भगवान रघुनाथ जी के शिविर पहुंचेंगे। इस दौरान देवी-देवता एक-दूसरे के शिविरों में जाकर मिलन करेंगे।