जंतर-मंतर आंदोलन पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग, रोहित पवार ने DGP से की मुलाकात
NCP-SP नेता ने कार्रवाई रोकने की मांग की
Maharashtra महाराष्ट्र। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार ने जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े मामलों में छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की मांग की है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) सदानंद दाते से मुलाकात की और छात्रों पर कार्रवाई रोकने की अपील की।
रोहित पवार ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बाद जानकारी सामने आई है कि मुंबई से जुड़े करीब 1500 से 1800 छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें कई छात्र 15 और 16 साल की उम्र के भी हैं। ऐसे में उनके खिलाफ FIR दर्ज होने से भविष्य में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
NCP-SP नेता ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं किया गया था, बल्कि यह एक सामाजिक पहल थी। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य लोगों को न्याय दिलाने की मांग करना था, इसलिए छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की जरूरत नहीं थी। रोहित पवार ने DGP से अपील की कि छात्रों को किए जा रहे फोन और पूछताछ की प्रक्रिया को रोका जाए और दर्ज किए गए मामलों को वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों का भविष्य खराब नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की ओर से भी यह बात कही गई थी कि छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब महाराष्ट्र सरकार, गृह विभाग और प्रशासन से भी यही उम्मीद है कि राज्य के छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लिया जाएगा। रोहित पवार ने मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के गृह मंत्री से अपील करते हुए कहा कि छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए जल्द फैसला लिया जाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलनों में शामिल युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखना जरूरी है।