जंतर मंतर पर छात्र साजिश के हुए शिकार : रामकृपाल यादव

Update: 2026-07-26 07:47 GMT

पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने दावा किया कि छात्रों से जुड़े पूरे मामले के पीछे एक बड़ी साजिश हो सकती है। उन्होंने इसे देश को कमजोर करने तथा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बताया। बिहार सरकार के मंत्री राम कृपाल यादव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि वह पहले दिन से ही यह बात कहते आ रहे हैं कि छात्र किसी साजिश का शिकार हुए हैं। इस मामले में बाहरी तत्वों की भूमिका हो सकती है और दिल्ली पुलिस की जांच में सोशल मीडिया गतिविधियों का संबंध पाकिस्तान से जुड़ा होने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों का उद्देश्य देश में अस्थिरता पैदा करना, लोगों के बीच विभाजन बढ़ाना और शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना हो सकता है। सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से समझा और किसी भी तरह की साजिश में फंसने से बचने के लिए कदम उठाए। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए राम कृपाल यादव ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। उन्होंने कहा कि अब छात्रों को भी यह समझ आ रहा होगा कि पूरे घटनाक्रम में क्या हुआ था।

मंत्री ने आंदोलन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी मांग को लोकतांत्रिक और सम्मानजनक तरीके से रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जो स्वीकार्य नहीं है। इसके अलावा, तेज प्रताप यादव और जन सुराज पार्टी को लेकर भी रामकृपाल यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तेज प्रताप यादव एक राजनीतिक दल के नेता हैं और उन्होंने हाल ही में नई पार्टी बनाई है। उन्होंने बताया कि उनके उम्मीदवार का नामांकन उम्मीदवार से जुड़ी वजहों से रद्द हुआ था। जन सुराज पार्टी पर बोलते हुए यादव ने कहा कि उन्हें पार्टी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से वहां पहुंचे और प्रतिबंधित क्षेत्र में हंगामा करने वालों के साथ शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पहले उन्हें जाने दिया, लेकिन दोबारा हंगामा करने पर कार्रवाई करनी पड़ी। राम कृपाल यादव के बयानों के बाद इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विपक्ष और अन्य दलों की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आना बाकी है।

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