नई दिल्ली: हिंदू धर्म में नाग पंचमी का पर्व विशेष महत्व रखता है। इस दिन नाग देवता की पूजा-अर्चना की जाती है और पूजा के दौरान नाग देवता की कथा पढ़ने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी की कथा सुनने से भय दूर होता है, परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और नाग देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।

नाग पंचमी का पर्व सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव के प्रिय नागों की पूजा की जाती है। मान्यता है कि नाग देवता प्रकृति और जल तत्व से जुड़े होते हैं और उनकी पूजा करने से जीवन में समृद्धि और सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है।
नाग पंचमी पर कथा पढ़ने का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के समय नाग देवता की कथा पढ़ने से व्रत और पूजा का महत्व बढ़ जाता है। कथा के माध्यम से भक्त नाग देवताओं की महिमा, उनके महत्व और उनसे जुड़ी पौराणिक घटनाओं को याद करते हैं। माना जाता है कि कथा सुनने से मन में श्रद्धा और भक्ति का भाव मजबूत होता है।
नाग पंचमी की पौराणिक कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, एक किसान के दो पुत्र और एक पुत्री थी। एक दिन किसान ने खेत में हल चलाते समय नाग के बच्चों को अनजाने में मार दिया। इसके बाद नागिन क्रोधित हो गई और उसने किसान के परिवार को नुकसान पहुंचाने का निश्चय किया।
नागिन ने किसान के दोनों बेटों को डस लिया, लेकिन जब वह किसान की बेटी के पास पहुंची तो उसने नागिन से क्षमा मांगी और उसकी पूजा की। किसान की बेटी की भक्ति और श्रद्धा से प्रसन्न होकर नागिन ने उसके भाइयों को फिर से जीवित कर दिया। तभी से नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा और कथा सुनने की परंपरा चली आ रही है।
एक अन्य मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने कालिया नाग का अहंकार समाप्त किया था। कालिया नाग यमुना नदी में रहता था और उसके विष से आसपास का वातावरण प्रभावित हो गया था। भगवान कृष्ण ने उसका दमन कर लोगों को भय से मुक्त किया। इस कथा का संबंध भी नाग पूजा की परंपरा से जोड़ा जाता है।
नाग पंचमी पूजा में क्या किया जाता है
इस दिन भक्त नाग देवता की प्रतिमा या चित्र की पूजा करते हैं। दूध, फूल, अक्षत, हल्दी और अन्य पूजा सामग्री अर्पित की जाती है। कई स्थानों पर घर के मुख्य द्वार पर नाग देवता की आकृति बनाकर पूजा करने की भी परंपरा है।
धार्मिक मान्यता है कि नाग पंचमी पर श्रद्धापूर्वक पूजा करने से परिवार की रक्षा होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। हालांकि, इन मान्यताओं को धार्मिक आस्था और परंपराओं के रूप में देखा जाता है।
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