रायपुर में आज भारत-जिंबाब्वे की टक्कर, टीम इंडिया के सामने क्लीन स्वीप का लक्ष्य
सीरीज मुट्ठी में, अब सूपड़ा साफ करने की तैयारी
रायपुर: भारतीय महिला क्रिकेट टीम मंगलवार, 20 अक्टूबर को जिंबाब्वे के खिलाफ तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जीत के साथ सीरीज का समापन करने उतरेगी। स्मृति मंधाना की कप्तानी में मेजबान टीम शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। अब उसकी निगाहें क्लीन स्वीप पर टिकी हैं। दूसरी ओर, जिंबाब्वे की टीम आखिरी मुकाबला जीतकर दौरे के अगले चरण से पहले अपना आत्मविश्वास बढ़ाना चाहेगी। मैच रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा।
दूसरे मैच में दिखा भारत का दबदबा
भारतीय टीम ने दूसरे टी20 में पहले मुकाबले की गलतियों को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया। गेंदबाजों ने जिंबाब्वे को आठ विकेट पर 102 रन तक सीमित रखा। इसके बाद बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते समय मेहमान टीम को वापसी का मौका नहीं दिया। भारत ने महज 8.5 ओवर में एक विकेट खोकर 104 रन बनाए और नौ विकेट से जीत दर्ज की। इस सफलता के साथ ही सीरीज का फैसला भी भारत के पक्ष में हो गया।
इस जीत की खास बात भारतीय खिलाड़ियों का आक्रामक अंदाज रहा। पहले मैच में छोटे लक्ष्य के सामने लड़खड़ाने वाली टीम ने दूसरे मुकाबले में शुरुआत से दबाव बनाया। अंतिम मैच में भी भारत इसी लय को बरकरार रखना चाहेगा। हालांकि, पहले मुकाबले का अनुभव उसे याद दिलाता है कि विपक्षी टीम को हल्के में लेना मुश्किलें पैदा कर सकता है।
शेफाली और मंधाना से फिर बड़ी शुरुआत की उम्मीद
दूसरे मुकाबले में शेफाली वर्मा ने 25 गेंदों पर 55 रन की तेज पारी खेली। कप्तान स्मृति मंधाना भी पीछे नहीं रहीं और 25 गेंदों पर नाबाद 47 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 96 रन जोड़कर मुकाबले को एकतरफा बना दिया। जिंबाब्वे के गेंदबाज इस साझेदारी को रोकने का रास्ता तलाशते रह गए।
तीसरे मैच में भी भारतीय सलामी जोड़ी पर नजरें रहेंगी। शेफाली की आक्रामक बल्लेबाजी और मंधाना की टाइमिंग विपक्षी गेंदबाजी के लिए अलग तरह की चुनौती पेश करती है। यदि दोनों को फिर मजबूत शुरुआत मिलती है, तो जिंबाब्वे के लिए भारत की रनगति पर अंकुश लगाना कठिन होगा। वहीं, मेहमान टीम की पहली कोशिश शुरुआती विकेट निकालकर भारतीय मध्यक्रम को जल्दी मैदान पर लाने की होगी।
पहले मुकाबले की मुश्किलें भी रहेंगी याद
सीरीज का पहला मैच भारत के लिए आसान नहीं रहा था। 115 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम ने सिर्फ 19 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे। उस समय जिंबाब्वे के पास उलटफेर करने का अवसर था। हालांकि, अनुभवी दीप्ति शर्मा और अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहीं निकी प्रसाद ने भारत की पारी संभाल ली।
दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 82 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। दीप्ति ने 49 रन बनाए, जबकि निकी 39 रन पर नाबाद रहीं। मुश्किल परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाजी ने भारत को चार विकेट से जीत दिलाई। उस मुकाबले ने भारतीय बल्लेबाजी की गहराई दिखाई, साथ ही शीर्ष क्रम के लिए सतर्क रहने की जरूरत भी सामने रखी। अंतिम मुकाबले में टीम प्रबंधन की नजर बल्लेबाजों के फैसलों पर भी रहेगी। शुरुआती विकेट गिरने की स्थिति में पारी को संभालना और अच्छी शुरुआत मिलने पर बड़े स्कोर की ओर बढ़ना, दोनों पहलू महत्वपूर्ण होंगे।
युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का अवसर
इस श्रृंखला में निकी प्रसाद ने अपने प्रदर्शन से ध्यान खींचा है। पहले मैच में दबाव के बीच उपयोगी पारी खेलने के बाद उन्होंने दूसरे मुकाबले में गेंद से भी योगदान दिया। शुरुआती अवसरों का फायदा उठाने वाले युवा खिलाड़ियों की मौजूदगी भारतीय टीम के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है। मंधाना की अगुवाई में टीम का जोर निडर क्रिकेट खेलने और अपने प्रदर्शन के स्तर को बेहतर करने पर है। टी20 में शेफाली उपकप्तान हैं, जबकि वनडे प्रारूप में यह जिम्मेदारी दीप्ति शर्मा के पास है। नई नेतृत्व व्यवस्था के बीच यह सीरीज खिलाड़ियों की भूमिकाएं स्पष्ट करने और अलग परिस्थितियों में उनकी क्षमता परखने का अवसर भी दे रही है।
सीरीज जीत चुकी भारतीय टीम अंतिम मुकाबले में कोई बदलाव करेगी या विजयी संयोजन के साथ उतरेगी, इसकी तस्वीर टॉस के समय स्पष्ट होगी। फिलहाल किसी खिलाड़ी को आराम दिए जाने या किसी नए नाम को मौका मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
जिंबाब्वे को बेहतर बल्लेबाजी की जरूरत
जिंबाब्वे के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्याप्त रन बनाने की होगी। शुरुआती दोनों मैचों में उसका स्कोर भारतीय टीम को लगातार दबाव में रखने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ। अंतिम मुकाबले में शीर्ष क्रम को जिम्मेदारी निभानी होगी और अच्छी शुरुआत को बड़ी साझेदारियों में बदलना होगा। गेंदबाजी में भी जिंबाब्वे को पहले मैच जैसी सटीकता तलाशनी होगी। भारत के शुरुआती विकेट निकालने के साथ रन रोकना उसके लिए जरूरी रहेगा। मेजबान टीम आत्मविश्वास के साथ उतरेगी, लेकिन मेहमान खिलाड़ियों के पास मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मौजूद है। ऐसे में अंतिम मुकाबला भारत के लिए दबदबा कायम रखने और जिंबाब्वे के लिए वापसी की राह खोजने की परीक्षा होगा।