लाहौर: दिलशान मदुशंका की शानदार गेंदबाजी और कामिंदु मेंडिस के नाबाद अर्धशतक की बदौलत श्रीलंका ने वनडे त्रिकोणीय सीरीज के पांचवें मुकाबले में पाकिस्तान को आठ विकेट से हरा दिया। मंगलवार, 27 अक्टूबर को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए मैच में मेजबान टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 25.3 ओवर में महज 110 रन पर सिमट गई। श्रीलंका ने 111 रन का लक्ष्य 18.1 ओवर में दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ श्रीलंकाई टीम ने फाइनल में भी जगह पक्की कर ली। 
खिताबी मुकाबले में श्रीलंका का सामना एक बार फिर पाकिस्तान से होगा। दोनों टीमें 31 अक्टूबर को गद्दाफी स्टेडियम में ट्रॉफी के लिए भिड़ेंगी। पाकिस्तान पहले ही फाइनल में पहुंच चुका था, जबकि श्रीलंका की इस जीत से इंग्लैंड की चुनौती समाप्त हो गई। इंग्लैंड अपने शुरुआती तीन मुकाबले हार चुका था। श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच 29 अक्टूबर को होने वाला अंतिम लीग मैच अब फाइनल की टीमों का फैसला नहीं बदलेगा। 
श्रीलंका की जीत के सबसे बड़े नायक बाएं हाथ के तेज गेंदबाज दिलशान मदुशंका रहे। उन्होंने 8.3 ओवर में एक मेडन रखते हुए 34 रन देकर पांच विकेट लिए। पाकिस्तान की पारी को शुरुआती झटके देने के बाद उन्होंने निचले क्रम को भी टिकने नहीं दिया। मदुशंका ने फखर जमान, साद बेग, अराफात मिन्हास, हारिस रऊफ और शाहीन अफरीदी को अपना शिकार बनाया। इस प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनके पांच विकेटों ने मुकाबले का रुख श्रीलंका के पक्ष में मोड़ दिया। 
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का श्रीलंका का फैसला सफल रहा। पाकिस्तान ने 11 रन के स्कोर पर फखर जमान का विकेट गंवाया। फखर 13 गेंदों में पांच रन बनाकर मदुशंका की गेंद पर आउट हुए। माज सदाकत भी बड़ी पारी नहीं खेल सके और आठ रन बनाकर असिथा फर्नांडो का शिकार बने। इसके बाद मदुशंका ने साद बेग को पांच रन पर पवेलियन भेज दिया। पाकिस्तान का स्कोर 46 रन पर तीन विकेट हो गया और मेजबान बल्लेबाज दबाव में आ गए। 
बाबर आजम ने कुछ समय पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। उन्होंने 33 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 29 रन बनाए और पाकिस्तान के सबसे सफल बल्लेबाज रहे। सलमान आगा नौ रन बनाकर आउट हुए। इसके तुरंत बाद बाबर भी ईशान मलिंगा की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। पाकिस्तान ने 61 रन पर पांच विकेट गंवा दिए। शादाब खान भी केवल दो रन बना सके और टीम का स्कोर 64 रन पर छह विकेट हो गया। 
निचले क्रम में हसन नवाज ने 17, अराफात मिन्हास ने 10 और कप्तान शाहीन अफरीदी ने 15 रन बनाए। शाहीन ने अपनी पारी में दो छक्के लगाए, लेकिन टीम को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचा सके। पाकिस्तान के लिए बाबर के अलावा कोई भी बल्लेबाज 20 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया। मदुशंका के साथ सहान अराचिगे ने भी उपयोगी गेंदबाजी की और पांच ओवर में 24 रन देकर दो विकेट लिए। असिथा फर्नांडो, ईशान मलिंगा और दुनिथ वेल्लालागे को एक-एक सफलता मिली। 
छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी। कामिंदु मेंडिस और अविष्का फर्नांडो ने पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़े। पाकिस्तान को पहली सफलता शाहीन अफरीदी ने दिलाई, जिन्होंने अविष्का को फखर जमान के हाथों कैच कराया। अविष्का ने 17 गेंदों में दो चौकों की मदद से 16 रन बनाए। इसके बाद कप्तान कुसल मेंडिस आठ रन बनाकर अराफात मिन्हास की गेंद पर बोल्ड हुए। श्रीलंका का दूसरा विकेट 62 रन पर गिरा। 
दो विकेट गिरने के बाद कामिंदु मेंडिस और पवन रथनायके ने पाकिस्तान को वापसी का मौका नहीं दिया। कामिंदु ने 60 गेंदों में आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 62 रन बनाए। रथनायके 26 गेंदों में 23 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 52 रन की अटूट साझेदारी की। श्रीलंका का अंतिम स्कोर 18.1 ओवर में दो विकेट पर 114 रन रहा। टीम ने 191 गेंद शेष रहते मुकाबला जीतकर अपनी श्रेष्ठता दिखाई। 
पाकिस्तान की ओर से शाहीन अफरीदी ने छह ओवर में 29 रन देकर एक विकेट लिया। अराफात मिन्हास ने पांच ओवर में 23 रन देकर दूसरी सफलता हासिल की। नसीम शाह और हारिस रऊफ को कोई विकेट नहीं मिला। कम स्कोर का बचाव करते हुए पाकिस्तानी गेंदबाज श्रीलंका पर लगातार दबाव नहीं बना सके। दूसरी ओर, श्रीलंका ने गेंद और बल्ले दोनों से संतुलित प्रदर्शन किया। फाइनल से पहले मिली यह जीत उसके लिए उत्साह बढ़ाने वाली है, जबकि पाकिस्तान को अपनी बल्लेबाजी की कमजोरियां दूर करनी होंगी।
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