सोनभद्र, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) मेरठ, राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की संयुक्त टीम ने सोमवार रात कार्रवाई करते हुए एक आयशर कैंटर से 60 किलो 525 ग्राम गांजा बरामद किया। पुलिस ने मौके से वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि चालक ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से काजू के छिलकों की आड़ में गांजे की खेप लेकर उत्तर प्रदेश के एटा जिले जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई चुर्क-पुलिस लाइन मार्ग मोड़ के पास की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान एटा जिले के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के किशनपुर गांव निवासी ऋषि कुमार यादव के रूप में हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजे की खेप किसके कहने पर लाई जा रही थी और इसकी आपूर्ति किन लोगों तक की जानी थी।

चुर्क-पुलिस लाइन मार्ग पर संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स मेरठ को मादक पदार्थों की तस्करी के संबंध में सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर एएनटीएफ की टीम उप निरीक्षक लोकेंद्र कुमार के नेतृत्व में सोनभद्र पहुंची।

इसके बाद स्थानीय राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की गई। सोमवार रात चुर्क-पुलिस लाइन मार्ग मोड़ के पास संदिग्ध आयशर कैंटर को रोककर उसकी तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान वाहन से कुल 60 किलो 525 ग्राम गांजा बरामद होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। बरामद मादक पदार्थ और वाहन को भी पुलिस कार्रवाई के दायरे में लिया गया।

काजू के छिलकों की आड़ में हो रही थी गांजे की तस्करी

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात गांजे की तस्करी का तरीका है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी चालक कैंटर में काजू के छिलकों की खेप लेकर चल रहा था। इसी माल की आड़ में गांजा छिपाकर ले जाने का आरोप है।

वाहन ओडिशा के भुवनेश्वर से उत्तर प्रदेश के एटा की ओर जा रहा था। पुलिस को आशंका है कि सामान्य मालवाहक वाहन और कृषि उत्पादों के परिवहन की आड़ लेकर मादक पदार्थों को एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।

हालांकि, गांजा कहां से लादा गया, इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं और तस्करी के लिए किस मार्ग का इस्तेमाल किया गया, इन सवालों के जवाब विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

एटा का रहने वाला है गिरफ्तार आरोपी

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम ऋषि कुमार यादव बताया गया है। वह एटा जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव का निवासी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह आयशर कैंटर चला रहा था और मादक पदार्थों की खेप लेकर एटा की ओर जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि वाहन का मालिक कौन है और आरोपी की भूमिका केवल वाहन चलाने तक सीमित थी या वह कथित तस्करी के पूरे नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।

यह भी जांच का महत्वपूर्ण विषय होगा कि एटा पहुंचने के बाद गांजा कहां उतारा जाना था। फिलहाल पुलिस ने किसी अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी या तस्करी नेटवर्क के खुलासे की आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

भुवनेश्वर से एटा तक जुड़ रहे तस्करी के तार

इस मामले में ओडिशा के भुवनेश्वर से उत्तर प्रदेश के एटा तक गांजा पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद अंतरराज्यीय तस्करी का पहलू महत्वपूर्ण हो गया है।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा किस व्यक्ति या समूह ने उपलब्ध कराया था। इसके अलावा खेप को एटा में किसे सौंपा जाना था और क्या इस परिवहन के लिए किसी संगठित नेटवर्क की मदद ली गई थी, यह भी जांच का विषय है।

सोनभद्र की भौगोलिक स्थिति के कारण यह जिला दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश आने वाले वाहनों के लिए महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। ऐसे में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए मालवाहक वाहनों की जांच अहम मानी जाती है।

इससे पहले भी सोनभद्र में गांजा तस्करी के अलग-अलग मामले सामने आ चुके हैं। जनवरी और जून 2026 में पुलिस ने बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया था। हालांकि, उन मामलों का वर्तमान गिरफ्तारी से कोई संबंध स्थापित नहीं हुआ है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत हो सकती है सख्त कार्रवाई

गांजे की अवैध खरीद-बिक्री, परिवहन और भंडारण से जुड़े मामलों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

इस कानून के तहत अपराध की गंभीरता और सजा का निर्धारण मादक पदार्थ की मात्रा तथा संबंधित परिस्थितियों के आधार पर किया जाता है। गांजे के लिए 20 किलोग्राम या उससे अधिक मात्रा को व्यावसायिक मात्रा माना जाता है। ऐसे में 60 किलो 525 ग्राम की बरामदगी कानूनी दृष्टि से गंभीर है।

हालांकि, वर्तमान मामले में किन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

तस्करी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच अहम

इस कार्रवाई के बाद अब गांजे की आपूर्ति करने वाले लोगों और इसे प्राप्त करने वाले संभावित संपर्कों की पहचान महत्वपूर्ण होगी। जांच में वाहन के दस्तावेज, माल की ढुलाई से संबंधित रिकॉर्ड और परिवहन के उद्देश्य की पड़ताल से अतिरिक्त जानकारी सामने आ सकती है।

पुलिस के सामने यह भी स्पष्ट करना जरूरी होगा कि काजू के छिलकों की आड़ में मादक पदार्थों की खेप भेजने की योजना किसने बनाई थी।

क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, एएनटीएफ मेरठ के उप निरीक्षक लोकेंद्र कुमार के नेतृत्व में आई टीम ने स्थानीय पुलिस और एसओजी के सहयोग से यह कार्रवाई की।

फिलहाल एक आरोपी की गिरफ्तारी और 60 किलो 525 ग्राम गांजे की बरामदगी की जानकारी सामने आई है। मामले में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता तथा तस्करी के संभावित नेटवर्क को लेकर आगे की जांच महत्वपूर्ण होगी।

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