IND-W vs ZIM-W: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 121 रन से बड़ी जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की पूरी टीम को 49वें ओवर में 207 रन पर समेट दिया। भारत की जीत में युवा स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने चार विकेट हासिल किए, जबकि अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। जिंतिमणि कलिता ने आखिरी विकेट लेकर भारत की जीत सुनिश्चित की।
भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 48.5 ओवर में 207 रन पर ऑलआउट हो गई। भारतीय गेंदबाजों के सामने जिम्बाब्वे की बल्लेबाज बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहीं।
भारत ने 121 रन से जीता मुकाबला
दूसरे वनडे में भारतीय महिला टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। भारत ने जिम्बाब्वे को जीत के लिए 329 रन का लक्ष्य दिया था।बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। हालांकि कुछ बल्लेबाजों ने संघर्ष करते हुए टीम को 200 रन के पार पहुंचाया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा।जिम्बाब्वे की पूरी टीम 207 रन पर सिमट गई और भारत ने 121 रन के अंतर से जीत दर्ज की।इस जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। अब सीरीज का अंतिम मुकाबला बाकी है।
वैष्णवी शर्मा ने चार विकेट लेकर मचाया धमाल
भारतीय टीम की जीत में वैष्णवी शर्मा का प्रदर्शन सबसे महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी से जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।वैष्णवी ने 10 ओवर में 39 रन देकर चार विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने एक मेडन ओवर भी डाला।उन्होंने सबसे पहले मोडेस्टर मुपाचिक्वा को 49 रन पर आउट किया। इसके बाद बेलव्ड बिजा को 34 रन पर एलबीडब्ल्यू कर भारत को चौथी सफलता दिलाई।वैष्णवी ने मिशेल मावुंगा को तीन रन पर बोल्ड किया और जिम्बाब्वे की कप्तान जोसेफिन एनकोमो को 20 रन पर एलबीडब्ल्यू आउट करके अपना चौथा विकेट पूरा किया।उनकी सटीक गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को बड़े लक्ष्य का पीछा करने से रोकने में अहम भूमिका निभाई।
दीप्ति शर्मा ने एक ओवर में झटके दो विकेट
भारतीय टीम की अनुभवी स्पिनर दीप्ति शर्मा ने मुकाबले के अंतिम ओवरों में शानदार गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की उम्मीदों को पूरी तरह समाप्त कर दिया।46वें ओवर की चौथी गेंद पर उन्होंने न्याशा ग्वांजुरा को एलबीडब्ल्यू आउट किया। ग्वांजुरा ने 18 गेंदों में 20 रन बनाए, जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल रहा।इसके तुरंत बाद अगली गेंद पर दीप्ति ने नोमवेलो सिबांडा को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया।सिबांडा ने गेंद को रोकने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर पास खड़ी तेजल हसबनीस के हाथों में चली गई।लगातार दो विकेट लेकर दीप्ति ने हैट्रिक का मौका बनाया। हालांकि ओवर की अंतिम गेंद पर तेंदाई माकुशा ने रक्षात्मक शॉट खेलकर हैट्रिक रोक दी।
दीप्ति ने तीसरा विकेट भी किया हासिल
दीप्ति शर्मा ने अपनी शानदार गेंदबाजी जारी रखते हुए 48वें ओवर में तीसरा विकेट भी हासिल किया।ओवर की तीसरी गेंद पर उन्होंने तेंदाई माकुशा को आउट किया। माकुशा बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में गेंद को सही तरीके से नहीं खेल सकीं।गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर बैकवर्ड प्वाइंट की दिशा में गई, जहां स्थानापन्न फील्डर हरलीन देओल ने आसान कैच पकड़ लिया।माकुशा दो गेंदों में बिना कोई रन बनाए आउट हुईं।दीप्ति शर्मा ने नौ ओवर में 32 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। उन्होंने मुकाबले के अंतिम चरण में शानदार गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की पारी को समेटने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
जिंतिमणि कलिता ने लिया आखिरी विकेट
जिम्बाब्वे की पारी का अंतिम विकेट जिंतिमणि कलिता ने हासिल किया। उन्होंने 49वें ओवर की पांचवीं गेंद पर चिएड्जा धुरुरु को आउट किया।कलिता ने अच्छी लेंथ की गेंद डाली, जिसे धुरुरु ने कवर की दिशा में खेलने की कोशिश की। लेकिन गेंद सीधे स्थानापन्न फील्डर हरलीन देओल के हाथों में चली गई।हरलीन ने कैच पकड़कर जिम्बाब्वे की पारी समाप्त कर दी।धुरुरु ने 28 गेंदों पर 12 रन बनाए, जिसमें एक चौका शामिल था।यह जिंतिमणि कलिता के वनडे अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला विकेट भी रहा। इस विकेट के साथ भारत ने 121 रन से मुकाबला जीत लिया।
हरलीन देओल ने फील्डिंग में दिखाया कमाल
भारतीय टीम की जीत में स्थानापन्न फील्डर हरलीन देओल ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।उन्होंने जिम्बाब्वे की पारी के दौरान कई महत्वपूर्ण कैच पकड़े। सबसे पहले उन्होंने वैष्णवी शर्मा की गेंद पर मोडेस्टर मुपाचिक्वा का कैच लिया।इसके बाद दीप्ति शर्मा की गेंद पर तेंदाई माकुशा को आउट करने में भी उनकी भूमिका रही।आखिर में जिंतिमणि कलिता की गेंद पर चिएड्जा धुरुरु का कैच पकड़कर उन्होंने जिम्बाब्वे की पारी समाप्त कर दी।हरलीन की शानदार फील्डिंग ने भारतीय गेंदबाजों की मेहनत को विकेट में बदलने में मदद की।
जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने किया संघर्ष
जिम्बाब्वे की ओर से मोडेस्टर मुपाचिक्वा ने सबसे अधिक 49 रन बनाए। उन्होंने 70 गेंदों का सामना किया और नौ चौके लगाए।चिपो मुगेरी-तिरिपानो ने 46 रन की पारी खेली। वहीं बेलव्ड बिजा ने 34 रन बनाए।कप्तान जोसेफिन एनकोमो ने 20 रन और न्याशा ग्वांजुरा ने भी 20 रन का योगदान दिया।ग्वांजुरा ने दीप्ति शर्मा की गेंद पर 73 मीटर लंबा छक्का भी लगाया। यह जिम्बाब्वे की पारी का पहला छक्का था।हालांकि इन पारियों के बावजूद जिम्बाब्वे की टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी।
भारतीय गेंदबाजों का दबदबा
भारतीय टीम ने पूरे मुकाबले में गेंदबाजी के दौरान अच्छा नियंत्रण बनाए रखा।वैष्णवी शर्मा ने चार विकेट लेकर सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट हासिल किए।इसके अलावा श्री चरणी, सायली सतघरे और जिंतिमणि कलिता ने एक-एक विकेट लिया।भारतीय गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारी बनाने का मौका नहीं दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण मेजबान टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करने में सफल नहीं हो सकी।
सीरीज में भारत की अजेय बढ़त
दूसरे वनडे में मिली शानदार जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने तीन मैचों की सीरीज अपने नाम कर ली है।भारत ने शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब तीसरा मुकाबला सीरीज का अंतिम मैच होगा।भारतीय टीम की कोशिश आखिरी मुकाबला जीतकर सीरीज में क्लीन स्वीप करने की होगी। वहीं जिम्बाब्वे की टीम अंतिम मैच में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी पहली जीत हासिल करना चाहेगी।