मेगा डैम के विरोध में हिंसक प्रदर्शन, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, कई अस्पताल में भर्ती
मेगा डैम के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग
ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित सियांग अपर मल्टी-पर्पज प्रोजेक्ट (SUMP) के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। 11 हजार मेगावाट से अधिक क्षमता वाली इस जलविद्युत परियोजना का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प की खबर सामने आई है। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। इस दौरान आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं।
मेगा डैम के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग
जानकारी के अनुसार, स्थानीय आदिवासी समुदाय और विभिन्न विरोधी संगठन प्रस्तावित सियांग मेगा डैम परियोजना का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परियोजना के लिए चल रही व्यवहार्यता सर्वेक्षण गतिविधियों का भी विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस परियोजना से उनकी पुश्तैनी जमीन, आजीविका और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसी चिंता को लेकर लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव की घटनाएं सामने आईं। झड़प के दौरान आगजनी और तोड़फोड़ की भी खबर है। हालांकि, इन घटनाओं में हुए नुकसान का पूरा विवरण अभी उपलब्ध नहीं है।
महिलाओं समेत कई प्रदर्शनकारी अस्पताल में भर्ती
रिपोर्ट के अनुसार, आंसू गैस के इस्तेमाल के बाद कई प्रदर्शनकारियों को सांस लेने में परेशानी हुई। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। सांस संबंधी परेशानी और चोटों के कारण कई लोगों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हालांकि, घायलों की कुल संख्या और उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
पुश्तैनी जमीन और पर्यावरण को लेकर चिंता
सियांग अपर मल्टी-पर्पज प्रोजेक्ट की प्रस्तावित क्षमता 11 हजार मेगावाट से अधिक बताई गई है। स्थानीय आदिवासी समुदायों का कहना है कि परियोजना से बड़े पैमाने पर विस्थापन हो सकता है। विरोध करने वाले संगठनों ने सियांग नदी घाटी के पारिस्थितिकी तंत्र पर संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई है। उनका दावा है कि बांध बनने से पारंपरिक आजीविका और पुश्तैनी भूमि प्रभावित हो सकती है। फिलहाल परियोजना के विरोध में हुई झड़प और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। स्थानीय समुदायों की चिंताओं और परियोजना के संभावित प्रभावों को लेकर विवाद बना हुआ है।