IND-W vs ZIM-W: भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच खेले जा रहे वनडे मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी की है। जिम्बाब्वे की बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिक्वा को वैष्णवी शर्मा ने 49 रन के निजी स्कोर पर आउट कर भारत को तीसरी सफलता दिलाई। मुपाचिक्वा अपना अर्धशतक पूरा करने से महज एक रन दूर थीं, लेकिन वैष्णवी की शानदार गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में कैच आउट हो गईं। इसके साथ ही जिम्बाब्वे की टीम को 28वें ओवर में तीसरा झटका लगा। 32 ओवर की समाप्ति तक जिम्बाब्वे ने तीन विकेट के नुकसान पर 137 रन बना लिए।
भारतीय टीम की ओर से वैष्णवी शर्मा ने किफायती गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। उन्होंने अपनी धीमी और घूमती गेंदों से बल्लेबाजों को परेशान किया। वहीं श्री चरणी और सायली सतघरे ने भी महत्वपूर्ण विकेट हासिल कर भारतीय टीम को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचाने का प्रयास किया।
वैष्णवी शर्मा ने मुपाचिक्वा को 49 रन पर किया आउट
जिम्बाब्वे की पारी के 28वें ओवर में भारतीय स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। ओवर की चौथी गेंद पर उन्होंने मोडेस्टर मुपाचिक्वा को आउट कर दिया।वैष्णवी ने इस गेंद से पहले अपनी गेंदबाजी का कोण बदला और ओवर द विकेट गेंदबाजी करने लगीं। उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर छोटी लेंथ की गेंद डाली, जो टर्न होकर बल्लेबाज से दूर जा रही थी।
मुपाचिक्वा ने गेंद को कट करने की कोशिश की, लेकिन वह गेंद की उछाल पर नियंत्रण नहीं रख सकीं। गेंद बल्ले से लगकर बैकवर्ड प्वाइंट की दिशा में चली गई, जहां स्थानापन्न फील्डर हरलीन देओल ने आगे की ओर डाइव लगाकर शानदार कैच पकड़ लिया।इस तरह मुपाचिक्वा की पारी 49 रन पर समाप्त हो गई। उन्होंने 70 गेंदों का सामना किया और नौ चौके लगाए। वह अपने अर्धशतक से केवल एक रन दूर रह गईं।
वैष्णवी शर्मा को मिला पहला वनडे विकेट
मुपाचिक्वा का विकेट वैष्णवी शर्मा के लिए बेहद खास रहा। यह उनके वनडे अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला विकेट था।वैष्णवी ने अपनी गेंदबाजी में लगातार विविधता दिखाई। उन्होंने धीमी गति और टर्न का इस्तेमाल करते हुए बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका नहीं दिया।विशेष रूप से 28वें ओवर में उनकी गेंदबाजी शानदार रही। इस ओवर में उन्होंने कोई रन नहीं दिया और एक महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किया।उनकी गेंदों की रफ्तार कई मौकों पर 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रही। इतनी धीमी गति से गेंदबाजी करने के बावजूद उन्होंने बल्लेबाजों को शॉट खेलने में परेशानी में डाला।30 ओवर की समाप्ति तक वैष्णवी ने पांच ओवर में 18 रन देकर एक विकेट हासिल किया था। इसमें एक मेडन ओवर भी शामिल रहा।
जिम्बाब्वे को लगा तीसरा बड़ा झटका
जिम्बाब्वे की टीम ने शुरुआती विकेट गिरने के बाद मोडेस्टर मुपाचिक्वा और चिपो मुगेरी-तिरिपानो की साझेदारी के दम पर पारी को संभाला था।दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ धैर्यपूर्वक बल्लेबाजी की और टीम को 100 रन के पार पहुंचाया। हालांकि सायली सतघरे ने चिपो को 46 रन पर बोल्ड कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई थी।इसके बाद मुपाचिक्वा ने पारी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन वैष्णवी शर्मा ने उन्हें 49 रन पर आउट कर दिया।28 ओवर की समाप्ति तक जिम्बाब्वे का स्कोर तीन विकेट पर 120 रन था। इस विकेट के बाद भारतीय टीम ने रन गति पर अंकुश लगाने की कोशिश की।
हरलीन देओल ने पकड़ा शानदार कैच
वैष्णवी शर्मा की गेंद पर मुपाचिक्वा का विकेट हासिल करने में हरलीन देओल की फील्डिंग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।स्थानापन्न फील्डर के रूप में मैदान पर मौजूद हरलीन बैकवर्ड प्वाइंट पर तैनात थीं। मुपाचिक्वा ने कट शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हवा में चली गई।हरलीन ने तेजी से आगे बढ़ते हुए नीचे की ओर डाइव लगाई और शानदार कैच पकड़ लिया। उनकी इस फील्डिंग की बदौलत भारतीय टीम को महत्वपूर्ण विकेट मिला।
बेलव्ड बिजा ने संभाली पारीमुपाचिक्वा के आउट होने के बाद जिम्बाब्वे की बल्लेबाज बेलव्ड बिजा ने पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की।बिजा ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ कुछ आक्रामक शॉट भी खेले। 26वें ओवर में उन्होंने श्री चरणी की गेंद पर आगे बढ़कर मिडऑन के ऊपर से शानदार चौका लगाया।इसके बाद 29वें ओवर में जिंतिमणि कलिता की गेंद पर उन्होंने लेग साइड में चौका हासिल किया। गेंद पैड की दिशा में आई थी, जिसे बिजा ने स्क्वायर लेग के पीछे सीमा रेखा तक पहुंचा दिया।32वें ओवर की पहली गेंद पर भी बिजा ने वैष्णवी शर्मा के खिलाफ शानदार चौका लगाया। उन्होंने क्रीज से आगे निकलकर मिडऑफ के ऊपर से गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाया।
जोसेफिन एनकोमो ने दिया साथ
मुपाचिक्वा के आउट होने के बाद जोसेफिन एनकोमो बल्लेबाजी करने उतरीं। उन्होंने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की और भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ विकेट बचाने पर ध्यान दिया।एनकोमो ने वैष्णवी शर्मा और जिंतिमणि कलिता की गेंदों पर रक्षात्मक शॉट खेले। कई मौकों पर वह गेंद को सही तरीके से खेलने में सफल नहीं हो सकीं।हालांकि उन्होंने एक-दो रन लेकर स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी रखी।31वें ओवर में जिंतिमणि कलिता ने एनकोमो को लगातार अच्छी गेंदबाजी की। इस ओवर में केवल तीन रन बने।
भारतीय गेंदबाजों ने रन गति पर लगाया अंकुश
जिम्बाब्वे की टीम ने 27 ओवर में दो विकेट पर 120 रन बनाए थे। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने शानदार नियंत्रण दिखाया।28वें ओवर में वैष्णवी शर्मा ने बिना कोई रन दिए एक विकेट हासिल किया। 29वें ओवर में जिंतिमणि कलिता ने चार रन दिए, जबकि 30वें ओवर में वैष्णवी ने केवल तीन रन खर्च किए।31वें ओवर में भी जिम्बाब्वे की टीम तीन रन ही बना सकी। इस दौरान भारतीय गेंदबाजों ने लगातार अच्छी लेंथ पर गेंदबाजी की।हालांकि 32वें ओवर में बेलव्ड बिजा ने वैष्णवी की पहली गेंद पर चौका लगाकर रन गति बढ़ाने की कोशिश की। इस ओवर में कुल सात रन बने।
भारत की नजर चौथे विकेट पर
भारतीय टीम ने 32 ओवर तक जिम्बाब्वे के तीन बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया था। वैष्णवी शर्मा, श्री चरणी और सायली सतघरे ने एक-एक विकेट हासिल किया।मुपाचिक्वा के आउट होने के बाद जिम्बाब्वे की टीम की जिम्मेदारी बेलव्ड बिजा और जोसेफिन एनकोमो पर आ गई है।भारतीय गेंदबाजों की कोशिश अब इस साझेदारी को जल्द से जल्द तोड़ने की होगी। वहीं जिम्बाब्वे की टीम विकेट बचाकर स्कोर को आगे बढ़ाना चाहेगी।
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