वडोदरा। 328 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत सतर्क रही। सलामी बल्लेबाज मॉडेस्टर मुपाचिकवा ने शुरुआती ओवरों में कुछ अच्छे शॉट लगाकर टीम को गति देने की कोशिश की। दूसरी ओर लॉरिन फिरी ने विकेट बचाने पर ध्यान दिया, लेकिन वह भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ खुलकर रन नहीं बना सकीं।
मुपाचिकवा ने सयाली सतघरे की गेंदों पर ऑफ साइड में शानदार कट शॉट लगाकर चौके बटोरे। उन्होंने जिंतिमणि कलिता की गेंद पर भी बैकफुट से बेहतरीन शॉट खेला और डीप कवर की ओर गेंद को सीमा रेखा के बाहर पहुंचाया। पांचवें और छठे ओवर में लगाए गए चौकों से जिम्बाब्वे को कुछ राहत मिली।
दसवें ओवर में मुपाचिकवा ने श्री चरणी की गेंद पर आगे बढ़कर लॉन्ग ऑन के ऊपर से चौका लगाया। इस शॉट के साथ जिम्बाब्वे ने 50 रन पूरे कर लिए। हालांकि, बड़ा लक्ष्य होने के कारण टीम को रन बनाने की रफ्तार लगातार बढ़ानी होगी।
श्री चरणी ने दिलाई भारत को पहली सफलता
भारतीय टीम को पहली सफलता आठवें ओवर में मिली, जब श्री चरणी ने लॉरिन फिरी को आउट किया। फिरी लंबे समय से रन बनाने के लिए संघर्ष कर रही थीं। चरणी ने गेंद को फ्लाइट देकर बल्लेबाज को बड़ा शॉट खेलने के लिए प्रेरित किया। फिरी ने मिडविकेट के ऊपर से गेंद निकालने का प्रयास किया, लेकिन शॉट सही तरीके से नहीं लगा।
गेंद शैफाली वर्मा के पास शॉर्ट मिडविकेट पर गई, जहां उन्होंने शानदार कैच पकड़ लिया। फिरी 23 गेंदों में छह रन बनाकर आउट हुईं। इस विकेट से भारतीय टीम को जरूरी सफलता मिली और जिम्बाब्वे की शुरुआती साझेदारी टूट गई।
श्री चरणी ने अपनी स्पिन और गति में बदलाव के जरिए बल्लेबाजों को परेशान किया। उन्होंने फिरी को लगातार आगे बढ़कर खेलने के लिए मजबूर किया और आखिरकार इसी रणनीति से विकेट हासिल किया।
चिपो मुगेरी-तिरिपानो ने संभाली जिम्मेदारी
फिरी के आउट होने के बाद चिपो मुगेरी-तिरिपानो बल्लेबाजी के लिए उतरीं। उन्होंने शुरुआत में जोखिम लेने के बजाय विकेट पर टिकने की कोशिश की। हालांकि, नौवें ओवर में दीप्ति शर्मा की गेंदों पर उन्होंने आक्रामकता भी दिखाई।
दीप्ति के ओवर में मुगेरी-तिरिपानो ने पहले एक चौका स्क्वायर ड्राइव से लगाया और फिर दूसरी बाउंड्री स्वीपर कवर की दिशा में हासिल की। इन शॉटों से जिम्बाब्वे की रन गति में सुधार हुआ। लेकिन भारतीय स्पिनरों ने इसके बाद लाइन और लेंथ को संभालते हुए उन्हें बड़े शॉट खेलने के ज्यादा मौके नहीं दिए।
श्री चरणी के खिलाफ मुगेरी-तिरिपानो ने गेंद को रक्षात्मक अंदाज में खेला। दसवें ओवर में उन्होंने गेंद को आगे बढ़कर रोकने पर ध्यान दिया। भारत की रणनीति साफ नजर आई कि बल्लेबाजों को आसानी से रन नहीं बनाने देना है और गलत शॉट का इंतजार करना है।
भारतीय गेंदबाजों ने बनाया दबाव
शुरुआती ओवरों में भारतीय तेज गेंदबाजों को लाइन और लेंथ बनाए रखने में कुछ परेशानी हुई। सयाली सतघरे और जिंतिमणि कलिता की गेंदों पर अतिरिक्त वाइड भी आए। इसके बावजूद दोनों ने बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने से रोकने की कोशिश की।
सतघरे ने मुपाचिकवा को कई बार ऑफ स्टंप के बाहर गेंद डालकर ड्राइव खेलने के लिए मजबूर किया। कलिता ने भी गेंद को बाहर की ओर मूव कराया, जिससे फिरी कई बार बीट हुईं। हालांकि, मुपाचिकवा ने कुछ ढीली गेंदों का फायदा उठाकर चौके लगाए।
स्पिनरों के आने के बाद मैच का रुख कुछ बदला। चरणी ने फिरी को आउट किया, जबकि दीप्ति शर्मा ने मुगेरी-तिरिपानो को बांधकर रखने की कोशिश की। भारत को अब दूसरे विकेट की तलाश होगी, ताकि जिम्बाब्वे पर दबाव बढ़ाया जा सके।
जिम्बाब्वे के सामने बड़ी चुनौती
भारत ने 328 रन का मजबूत लक्ष्य रखा है। ऐसे में जिम्बाब्वे को मुकाबले में बने रहने के लिए बड़ी साझेदारियां करनी होंगी। मुपाचिकवा ने शुरुआत में कुछ अच्छे शॉट लगाए हैं, लेकिन दूसरे छोर से लगातार रन आना भी जरूरी है।
भारतीय टीम की कोशिश होगी कि वह बीच के ओवरों में विकेट हासिल कर जिम्बाब्वे की रन गति पर अंकुश लगाए। जिम्बाब्वे के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा कि वह विकेट बचाते हुए रन रेट बढ़ाए और भारतीय स्पिनरों के खिलाफ संभलकर बल्लेबाजी करे।
फिलहाल मुकाबले में भारत को पहली सफलता मिल चुकी है, जबकि जिम्बाब्वे ने 50 रन का आंकड़ा पार कर लिया है। आने वाले ओवर तय करेंगे कि जिम्बाब्वे लक्ष्य का पीछा करते हुए चुनौती पेश कर पाती है या भारतीय गेंदबाज मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर लेते हैं।