BREAKING: खामेनेई का शव दफनाने शिया धर्मस्थल पहुंचा

भारी भीड़ के बीच बेटे मोजतबा की गैरमौजूदगी बनी रहस्य

Update: 2026-07-09 15:34 GMT
New Delhi. नई दिल्ली। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया गुरुवार को मशहद में पूरी की गई। खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के पार्थिव शरीर को लेकर ट्रक मशहद पहुंचा, जहां ईरान का सबसे पवित्र धार्मिक स्थल इमाम रज़ा का मज़ार स्थित है। बताया गया कि खामेनेई को एक निजी धार्मिक समारोह में दफनाया गया, जिसमें केवल परिवार के करीबी सदस्य शामिल हुए। इससे पहले करीब एक सप्ताह तक ईरान और इराक के कई शहरों में उनके लिए शोक सभाएं, अंतिम यात्रा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।
खामेनेई के पार्थिव शरीर को मशहद की सड़कों से होते हुए इमाम रज़ा के सुनहरे गुंबद और मीनारों वाले परिसर तक ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग काले कपड़े पहनकर सड़कों पर मौजूद रहे। कई लोगों के हाथों में ईरानी झंडे, खामेनेई की तस्वीरें और क्रांतिकारी नारों वाले पोस्टर दिखाई दिए। अंतिम यात्रा में मौलवी सफेद पगड़ी पहनकर आगे चल रहे थे, जबकि हजारों की संख्या में शोकाकुल लोग धार्मिक और राजनीतिक नारे लगाते हुए शामिल हुए। ईरानी नेतृत्व ने इस आयोजन को देश की धार्मिक और वैचारिक ताकत के प्रदर्शन के रूप में भी पेश किया।
मोजतबा खामेनेई की गैरमौजूदगी पर सवाल
खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे और कथित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, मोजतबा को पिता की मौत से जुड़े हमले में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। मोजतबा खामेनेई को धार्मिक सभा के जरिए नया सुप्रीम लीडर घोषित किए जाने की खबरों के बावजूद उनकी कोई तस्वीर, वीडियो या आवाज रिकॉर्डिंग सार्वजनिक नहीं की गई है। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि वह उपचार और स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया में हैं। सूत्रों के अनुसार, मोजतबा के चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं और सुरक्षा कारणों से भी उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रखा जा रहा है। हालांकि, उनकी मौजूदा स्थिति को लेकर कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव के बीच अंतिम संस्कार
खामेनेई का अंतिम संस्कार ऐसे समय हुआ है जब ईरान और उसके विरोधी देशों के बीच तनाव बना हुआ है। लंबे समय तक चले संघर्ष और फिर संघर्ष विराम के बाद क्षेत्रीय हालात पर पूरी दुनिया की नजर है। ईरानी अधिकारियों ने खामेनेई की मौत को विदेशी दुश्मनों से जोड़ते हुए इसे शहादत के रूप में पेश किया। शिया धार्मिक परंपरा में शहादत का विशेष महत्व माना जाता है और इसी कारण अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखी गई। खामेनेई के पार्थिव शरीर को इससे पहले तेहरान, शिया धार्मिक केंद्र क़ोम और इराक के नजफ और कर्बला जैसे धार्मिक शहरों से भी ले जाया गया, जहां श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुए।
अंतिम संस्कार में अमेरिका विरोधी नारे
मशहद में अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अमेरिका विरोधी नारे लगाए। कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ संदेश लिखे पोस्टर भी दिखाई दिए। भीड़ में कुछ लोगों ने खामेनेई की मौत का बदला लेने की बात कहते हुए नारे लगाए। वहीं, सड़कों पर मौजूद लोगों ने ईरान के पारंपरिक क्रांतिकारी नारों को भी दोहराया। गर्मी के बावजूद हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए घंटों तक सड़कों पर खड़े रहे। प्रशासन की ओर से भीड़ को राहत देने के लिए पानी का छिड़काव किया गया।
खामेनेई के शासन और ईरान का भविष्य
अयातुल्ला अली खामेनेई ने करीब 37 वर्षों तक ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में देश की राजनीति को प्रभावित किया। उनके शासनकाल में ईरान ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ लंबे समय तक तनावपूर्ण संबंधों का सामना किया। उनके निधन के बाद ईरान के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। जहां समर्थक उन्हें इस्लामिक रिपब्लिक की विचारधारा का मजबूत स्तंभ मानते हैं, वहीं आलोचक उनके शासन और नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। अब दुनिया की नजरें नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और ईरान की आगामी नीतियों पर टिकी हैं। क्षेत्रीय राजनीति, परमाणु कार्यक्रम और अमेरिका-इजराइल संबंधों पर इसका असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
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