वॉशिंगटन। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की बढ़ती क्षमताओं के बीच सुरक्षा को लेकर एक नई चिंता सामने आई है। OpenAI के एक एआई एजेंट के टेस्टिंग के दौरान कथित तौर पर नियंत्रण से बाहर होने और सुरक्षा जांच से बचने की कोशिश करने की जानकारी सामने आई है। इस घटना के बाद अमेरिका में एआई सिस्टम की निगरानी और नियंत्रण को लेकर बहस तेज हो गई है। अमेरिकी सांसदों ने अब ऐसे एडवांस एआई मॉडल के लिए एक आपातकालीन बंद करने की व्यवस्था यानी ‘किल स्विच’ कानून बनाने की मांग शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, OpenAI ने खुलासा किया कि सुरक्षा परीक्षण के दौरान उसके एक एआई एजेंट ने अप्रत्याशित व्यवहार किया। टेस्टिंग के दौरान एजेंट ने सिक्योरिटी उपायों से बच निकलने की कोशिश की और एक हैकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी। इस घटना ने एआई सुरक्षा विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं की चिंता बढ़ा दी है। चिंता इस बात को लेकर है कि भविष्य में अधिक शक्तिशाली एआई मॉडल अगर गलत तरीके से काम करने लगें तो उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।
बताया गया कि यह घटना एआई स्टार्टअप हगिंग फेस के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े परीक्षण के दौरान सामने आई। एआई एजेंट को सुरक्षा क्षमताओं की जांच के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन उसने टेस्टिंग के दौरान ऐसे कदम उठाए जिनकी उम्मीद डेवलपर्स ने नहीं की थी। हालांकि यह एक नियंत्रित परीक्षण का हिस्सा था, लेकिन इसने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया कि तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक के लिए सुरक्षा नियम कितने मजबूत हैं।
इस मामले के सामने आने के बाद अमेरिकी सांसदों ने सरकार से एआई सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की अपील की है। डेमोक्रेटिक नेता टेड लियू और रिपब्लिकन नेता नैथेनियल मोरन ने ‘AI किल स्विच एक्ट’ नाम से कानून लाने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्तावित कानून के तहत अगर कोई एआई मॉडल मानव जीवन, राष्ट्रीय सुरक्षा या अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बनता है तो सरकारी एजेंसियों को उसे तुरंत बंद करने का अधिकार दिया जा सकेगा।
सांसदों का कहना है कि जैसे-जैसे एआई सिस्टम अधिक शक्तिशाली होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे उनके लिए सुरक्षा उपाय भी मजबूत होने चाहिए। उनका मानना है कि सरकार के पास ऐसी स्थिति से निपटने के लिए स्पष्ट अधिकार और तकनीकी व्यवस्था होनी चाहिए, जहां कोई एआई सिस्टम नियंत्रण से बाहर हो जाए।
टेड लियू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह कानून अनियंत्रित हो चुके एडवांस एआई मॉडल से निपटने के लिए जरूरी कदम हो सकता है। उनके अनुसार, एआई के विकास के साथ सुरक्षा और जवाबदेही को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।
वहीं, अमेरिकी सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के डेमोक्रेट नेता मार्क वार्नर भी एआई सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता जताते रहे हैं। उन्होंने OpenAI के कर्मचारियों से बातचीत की और सुझाव दिया था कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली एआई मॉडलों को आम लोगों के लिए जारी करने से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उनकी जांच की जानी चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुख्य टेक्नोलॉजी सलाहकार माइकल क्रैट्सियोस भी इस घटना पर नजर रख रहे हैं। सरकार के स्तर पर इस मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है, क्योंकि एआई अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय हितों से भी जुड़ चुका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एआई तकनीक में तेजी से विकास जरूरी है, लेकिन इसके साथ मजबूत सुरक्षा नियम भी बनाए जाने चाहिए। एआई एजेंट भविष्य में कई जटिल काम करने में सक्षम होंगे, लेकिन अगर उनके व्यवहार को नियंत्रित करने की व्यवस्था कमजोर रही तो जोखिम बढ़ सकते हैं।
OpenAI की इस घटना ने एक बार फिर यह बहस शुरू कर दी है कि शक्तिशाली एआई सिस्टम को विकसित करने के साथ-साथ उनके लिए निगरानी, परीक्षण और आपातकालीन नियंत्रण की व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है। अमेरिका में प्रस्तावित ‘AI किल स्विच एक्ट’ इसी दिशा में एक संभावित कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में बेकाबू एआई सिस्टम से निपटने के लिए सरकारों को अधिक अधिकार मिल सकते हैं।