रूस की जंग में किम जोंग उन का बड़ा दांव 50 हजार सैनिक भेजने की तैयारी

Update: 2026-08-09 15:24 GMT
रूस : रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस और उत्तर कोरिया के सैन्य सहयोग को लेकर बड़ा दावा किया है। जेलेंस्की के अनुसार, रूस में उत्तर कोरिया के करीब 30 हजार से 50 हजार सैनिकों की तैनाती का फैसला किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन को अपने क्षेत्र में उत्तर कोरिया से जुड़ी कुछ मिसाइलें मिली हैं। हालांकि, जेलेंस्की ने सैनिकों की प्रस्तावित तैनाती और मिसाइलों से जुड़ी जानकारी का स्रोत सार्वजनिक नहीं किया है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि रूस के इलाके में 30 हजार से 50 हजार उत्तर कोरियाई लोगों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। यह आंकड़ा जुलाई में उनके द्वारा बताए गए करीब 30 हजार सैनिकों के अनुमान से अधिक है। उनके इस दावे के बाद रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के क्षेत्र में उसे उत्तर कोरिया की कुछ मिसाइलें मिली हैं, हालांकि उन्होंने इन मिसाइलों की सटीक लोकेशन के बारे में जानकारी नहीं दी। यूक्रेनी राष्ट्रपति का कहना है कि उत्तर कोरिया आधुनिक युद्ध से लगातार अनुभव हासिल कर रहा है। उनके मुताबिक, रूस के साथ सहयोग के जरिए उत्तर कोरिया सैन्य तकनीक, उपकरण और युद्ध संचालन से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत कर सकता है।
उन्होंने दक्षिण कोरिया से यूक्रेन को एयर डिफेंस सिस्टम के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की अपील भी की। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन उन क्षेत्रों में दक्षिण कोरिया के साथ सहयोग चाहता है, जहां उसकी कमी है। उन्होंने विशेष रूप से हवाई रक्षा प्रणाली की जरूरत पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने ड्रोन सौदों और दूसरे सैन्य क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाओं का संकेत दिया।
रूस और उत्तर कोरिया के बीच सैन्य संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में तेजी आई है। जून 2024 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उत्तर कोरिया का दौरा किया था। इस दौरान दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते में प्रावधान किया गया है कि यदि किसी एक देश पर बाहरी हमला होता है तो दूसरा देश उसकी सहायता करेगा। उत्तर कोरिया ने रूस के लिए अपनी सैन्य सहायता को इसी रणनीतिक साझेदारी के तहत सहयोग बताया है।
रिपोर्टों के अनुसार, 2024 में उत्तर कोरिया ने रूस के कुर्स्क क्षेत्र में करीब 14 हजार सैनिक भेजे थे। उस दौरान इन सैनिकों की तैनाती को यूक्रेनी हमलों का मुकाबला करने में रूस की मदद से जोड़कर देखा गया था। इसके बाद से उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग लगातार चर्चा में रहा है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि उत्तर कोरिया की एक मिसाइल यूनिट ने पश्चिमी रूस में तैनाती शुरू कर दी है। इसमें करीब 120 बैलिस्टिक मिसाइलें और छह लॉन्चर शामिल होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, ऐसी सैन्य तैनाती से संबंधित आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्तर पर चुनौतीपूर्ण रही है।
यूक्रेन लंबे समय से रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहा है। खासकर बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकना यूक्रेनी एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती माना जाता है। जेलेंस्की लगातार पश्चिमी देशों और अन्य सहयोगी देशों से आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम उपलब्ध कराने की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि रूस की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों की बढ़ती क्षमता के बीच यूक्रेन को अपनी हवाई सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत है।
यूक्रेन और स्वतंत्र आकलनों में उत्तर कोरिया पर रूस को बड़ी मात्रा में सैन्य सामग्री उपलब्ध कराने के आरोप भी लगाए गए हैं। इनमें आर्टिलरी और मोर्टार के गोले, बैलिस्टिक मिसाइलें, लंबी दूरी की तोपें और मल्टीपल-लॉन्च रॉकेट सिस्टम शामिल होने के दावे किए गए हैं। रूस और उत्तर कोरिया हालांकि अपने सैन्य सहयोग के कई पहलुओं पर पश्चिमी देशों के आरोपों को स्वीकार नहीं करते हैं।
जेलेंस्की का ताजा दावा ऐसे समय आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध लंबा खिंचता जा रहा है और दोनों पक्षों की सैन्य क्षमताओं को लेकर लगातार नए आकलन सामने आ रहे हैं। यदि रूस में उत्तर कोरियाई सैनिकों की बड़ी संख्या में तैनाती की पुष्टि होती है तो इससे युद्ध के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को लेकर नई चिंताएं पैदा हो सकती हैं। वहीं, दक्षिण कोरिया से एयर डिफेंस और ड्रोन तकनीक में सहयोग की यूक्रेन की अपील यह संकेत देती है कि कीव युद्ध के दौरान अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए नए साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
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