डॉल्फिन तूफान से चीन में हाहाकार भारी बारिश का अलर्ट भारत कितना सुरक्षित
चीन : डॉल्फिन तूफान को इस साल चीन में दस्तक देने वाला सबसे शक्तिशाली चक्रवात बताया जा रहा है। तूफान ने चीन पहुंचने से पहले जापान के दक्षिणी ओकिनावा प्रांत में भारी तबाही मचाई। इसके प्रभाव से तेज हवाएं चलीं और कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ। तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 216 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। तेज हवाओं के कारण छह लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जबकि 50 हजार से अधिक इमारतों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
जापान के ओकिनावा से गुजरने के बाद डॉल्फिन तूफान ने चीन की दिशा में रुख किया। रविवार को यह चीन के झेजियांग प्रांत के युहुआन इलाके में पहुंचा। बताया गया कि स्थानीय समय के अनुसार शाम करीब 5:30 बजे तूफान ने लैंडफॉल किया। लैंडफॉल के समय तूफान के केंद्र के पास हवा की रफ्तार लगभग 151 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। चीन के मौसम विभाग ने इसे इस साल देश में आने वाला सबसे ताकतवर तूफान बताया है।
तूफान के चीन की ओर बढ़ने से पहले ही प्रशासन ने बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी थीं। झेजियांग, शंघाई, फुजियान और आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया। संभावित खतरे को देखते हुए 10 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने निचले इलाकों और समुद्र के नजदीक रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी।
डॉल्फिन तूफान का असर चीन की परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। शंघाई में करीब 1,500 उड़ानें रद्द कर दी गईं। इसके अलावा समुद्री गतिविधियों को रोकते हुए बंदरगाहों से जहाजों को हटाया गया। कई फेरी सेवाओं को भी बंद कर दिया गया। निर्माण कार्यों को रोकने के साथ संवेदनशील इलाकों में प्रशासनिक निगरानी बढ़ाई गई। अधिकारियों ने लोगों से गैर जरूरी यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की।
तूफान के कारण चीन के कई हिस्सों में भारी बारिश का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में 250 से 500 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई है। इतनी भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। नदियों और जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
फुजियान प्रांत में तूफान के खतरे को देखते हुए करीब 99 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने संभावित प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालने के साथ राहत और बचाव व्यवस्था को भी सक्रिय कर दिया। कई फेरी रूट बंद कर दिए गए और निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी गई। समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं के कारण मछुआरों तथा समुद्री परिवहन से जुड़े लोगों को भी सावधानी बरतने को कहा गया।
मौसम विभाग के मुताबिक डॉल्फिन तूफान अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ते हुए पश्चिम की दिशा में बढ़ रहा है। हालांकि इसके कमजोर होने के बावजूद इसके साथ आने वाली भारी बारिश का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। पूर्वी और मध्य चीन के बड़े हिस्से में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन की घटनाओं को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है।
तूफान के कारण चीन के कई शहरों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। स्कूलों और संस्थानों से लेकर परिवहन सेवाओं तक पर इसका असर देखने को मिला है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित रखना और संभावित प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान को कम करना है। राहत एजेंसियों और स्थानीय अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉल्फिन तूफान का जापान से चीन तक का सफर इस साल के सबसे बड़े मौसम संबंधी घटनाक्रमों में से एक बन गया है। जापान में 216 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची हवाओं और चीन में 151 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लैंडफॉल ने इसकी ताकत का अंदाजा दिया है। फिलहाल चीन में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर नजर रख रहा है।