नई दिल्ली। भारत से सटी अपनी पूर्वी सीमा पर पाकिस्तान ने सैन्य ताकत बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने चीन निर्मित 250 SH-15 ट्रक माउंटेड सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर तोपों को रणनीतिक इलाकों में तैनात किया है। इन आधुनिक 155 एमएम आर्टिलरी सिस्टम की तैनाती भारत-पाक सीमा के विभिन्न सेक्टरों में की जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन तोपों के शामिल होने से पाकिस्तान की लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता में इजाफा हो सकता है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने भारत से लगी अपनी पूरी पूर्वी सीमा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में SH-15 हॉवित्जर को योजनाबद्ध तरीके से तैनात करना शुरू किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच सैन्य तैयारियों को लेकर लगातार गतिविधियां देखने को मिल रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यह तैनाती मई 2025 में भारत की तीनों सेनाओं द्वारा चलाए गए आतंकवाद विरोधी अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद तेज हुई है। इस अभियान के दौरान भारतीय सेना ने आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाते हुए सटीक कार्रवाई की थी। इसके बाद पाकिस्तान ने अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने और हथियारों के आधुनिकीकरण पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया।
SH-15 हॉवित्जर चीन की सरकारी रक्षा कंपनी नॉरिन्को (NORINCO) द्वारा निर्मित है। इसे चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के PCL-181 व्हील्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर का निर्यात संस्करण माना जाता है। यह 6x6 बख्तरबंद शानक्सी ट्रक चेसिस पर आधारित है, जिसकी वजह से इसे तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है।
इस तोप की सबसे बड़ी खासियत इसकी गतिशीलता और लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता है। SH-15 हॉवित्जर सामान्य गोला-बारूद के साथ करीब 30 से 40 किलोमीटर तक सटीक निशाना लगा सकती है। वहीं रॉकेट-असिस्टेड V-LAP गोले इस्तेमाल करने पर इसकी मारक क्षमता 53 से 72 किलोमीटर तक पहुंच सकती है।
आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम से लैस यह तोप कम समय में लक्ष्य निर्धारित कर हमला करने में सक्षम है। इसमें हाइड्रोलिक स्टेबलाइजिंग सिस्टम भी मौजूद है, जिससे फायरिंग के दौरान स्थिरता बनी रहती है। यह सिस्टम प्रति मिनट लगभग 6 राउंड तक फायर कर सकता है। इसके अलावा, हमला करने के बाद यह तेजी से अपनी स्थिति बदल सकती है, जिससे दुश्मन की जवाबी कार्रवाई से बचने में मदद मिलती है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 250 SH-15 हॉवित्जर मिलने से पाकिस्तान की कई आर्टिलरी रेजिमेंट को मजबूती मिलेगी। इससे उसकी पारंपरिक युद्ध क्षमता और लंबी दूरी के हमले करने की ताकत बढ़ सकती है। हालांकि, किसी भी सैन्य तैनाती को लेकर अंतिम आकलन खुफिया और रणनीतिक स्तर पर ही किया जाता है।
पाकिस्तान की यह खरीद और तैनाती चीन के साथ उसके बढ़ते सैन्य संबंधों को भी दिखाती है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है। चीन पाकिस्तान को कई तरह के रक्षा उपकरण उपलब्ध करा रहा है, जबकि दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यास भी करते रहते हैं।
इसी बीच पाकिस्तान ने रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में चीनी पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की 99वीं वर्षगांठ भी मनाई। इस कार्यक्रम में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों देशों के बीच मजबूत सैन्य साझेदारी को लेकर बयान भी दिए गए।
कुल मिलाकर, SH-15 हॉवित्जर की तैनाती पाकिस्तान की तोपखाना क्षमता को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। भारत और पाकिस्तान दोनों ही अपनी सीमाओं पर आधुनिक हथियारों और तकनीक को शामिल कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में सैन्य संतुलन और रणनीतिक गतिविधियां लगातार चर्चा का विषय बनी हुई हैं।