वर्ल्ड: संयुक्त राष्ट्र (UN) के अगले महासचिव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। कोस्टा रिका की पूर्व उपराष्ट्रपति और वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (UNCTAD) की महासचिव रेबेका ग्रिनस्पैन इस दौड़ में सबसे आगे चल रही हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा कराए गए पहले अनौपचारिक जनमत सर्वे में उन्हें सबसे अधिक समर्थन मिला है।
मौजूदा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होने जा रहा है। इसके बाद दुनिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठन का नेतृत्व कौन करेगा, इसे लेकर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने संभावित उम्मीदवारों को लेकर अपनी राय जाहिर करनी शुरू कर दी है।
15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को पहला गुप्त और अनौपचारिक जनमत सर्वेक्षण आयोजित किया। यह मतदान बाध्यकारी नहीं था, लेकिन इससे यह संकेत जरूर मिलता है कि शुरुआती चरण में किन उम्मीदवारों को अधिक समर्थन मिल रहा है। इस सर्वे में रेबेका ग्रिनस्पैन को सबसे ज्यादा समर्थन प्राप्त हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, ग्रिनस्पैन को समर्थन में 10 वोट मिले हैं। वहीं संयुक्त राष्ट्र में गुयाना की स्थायी प्रतिनिधि राजदूत कैरोलिन रोड्रिग्स बिरकेट को नौ वोट मिले और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रासी को सात देशों का समर्थन मिला।
रेबेका ग्रिनस्पैन का नाम वैश्विक कूटनीति और विकास क्षेत्र में लंबे अनुभव के कारण मजबूत माना जा रहा है। वह कोस्टा रिका की पूर्व उपराष्ट्रपति रह चुकी हैं और वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन की प्रमुख हैं। विकासशील देशों की आर्थिक चुनौतियों, वैश्विक असमानता और सतत विकास जैसे मुद्दों पर उनकी पकड़ को उनकी बड़ी ताकत माना जाता है।
हालांकि, संयुक्त राष्ट्र महासचिव का चयन केवल शुरुआती समर्थन के आधार पर तय नहीं होता। अंतिम निर्णय सुरक्षा परिषद की सिफारिश और संयुक्त राष्ट्र महासभा की मंजूरी के बाद होता है। सुरक्षा परिषद में पांच स्थायी सदस्य देशों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि किसी भी उम्मीदवार के चयन में उनकी सहमति अहम मानी जाती है।
इस बार महासचिव पद की दौड़ में कई अनुभवी अंतरराष्ट्रीय नेता शामिल हैं। इनमें चिली की पूर्व राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त मिशेल बैचलेट का नाम भी प्रमुख है। बैचलेट ने अपने राजनीतिक और मानवाधिकार संबंधी अनुभव के कारण वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है।
इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र महासभा की पूर्व अध्यक्ष मारिया फर्नांडा एस्पिनोसा गार्सिस, संयुक्त राष्ट्र की पूर्व अवर महासचिव वर्जीनिया गांबा, सेनेगल के पूर्व राष्ट्रपति मैकी साल और युगांडा के राजनेता ओलारा ओटुनू भी इस दौड़ में शामिल हैं।
रेबेका ग्रिनस्पैन की बढ़त को कई विशेषज्ञ महत्वपूर्ण मान रहे हैं। अगर वह इस पद पर चुनी जाती हैं तो वह संयुक्त राष्ट्र की पहली महिला महासचिव बन सकती हैं। अब तक संयुक्त राष्ट्र के सभी महासचिव पुरुष रहे हैं, इसलिए उनकी उम्मीदवारी को लैंगिक समानता के नजरिये से भी काफी अहम माना जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की भूमिका वैश्विक शांति, सुरक्षा, मानवीय सहायता, जलवायु परिवर्तन, युद्ध और अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने में बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे समय में जब दुनिया कई संघर्षों, आर्थिक चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रही है, नए महासचिव के सामने बड़ी जिम्मेदारियां होंगी।
फिलहाल रेबेका ग्रिनस्पैन शुरुआती सर्वे में सबसे आगे हैं, लेकिन आने वाले महीनों में अन्य उम्मीदवारों की स्थिति और सुरक्षा परिषद के रुख से तस्वीर और साफ होगी। दिसंबर 2026 के बाद संयुक्त राष्ट्र की कमान किसके हाथों में होगी, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।