Central employees के लिए बड़ा अपडेट, वेतन बढ़ोतरी को लेकर आयोग के सामने प्रस्ताव पेश

Update: 2026-07-07 15:34 GMT

New Delhi नई दिल्ली :  8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी बीच ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने वेतन आयोग के सामने कई महत्वपूर्ण सुझाव और मांगें रखी हैं। इनमें हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बढ़ोतरी, ट्रांसपोर्ट अलाउंस बढ़ाने, फिटमेंट फैक्टर में बदलाव और कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी वृद्धि जैसी मांगें शामिल हैं।

फेडरेशन का कहना है कि मौजूदा महंगाई और बढ़ते खर्चों को देखते हुए कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बदलाव जरूरी है। संगठन ने सुझाव दिया है कि 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों को बेहतर आर्थिक राहत देने के लिए भत्तों में पर्याप्त बढ़ोतरी की जाए।

HRA बढ़ाने की मांग

AINPSEF ने हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। फेडरेशन के अनुसार, X कैटेगरी शहरों में HRA को बढ़ाकर 36 प्रतिशत, Y कैटेगरी शहरों में 24 प्रतिशत और Z कैटेगरी शहरों में 12 प्रतिशत किया जाना चाहिए।

संगठन ने यह भी मांग की है कि जब भी महंगाई भत्ता (DA) बढ़े, उसी अनुपात में HRA में भी स्वत: बढ़ोतरी होनी चाहिए। इससे कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई और किराये के खर्च से राहत मिल सकेगी।

फैमिली यूनिट में बदलाव का प्रस्ताव

वेतन निर्धारण के लिए इस्तेमाल होने वाली फैमिली यूनिट में भी बदलाव की मांग की गई है। वर्तमान व्यवस्था में परिवार की गणना तीन सदस्यों के आधार पर की जाती है। फेडरेशन ने इसे बढ़ाकर 4.4 सदस्य करने का सुझाव दिया है।

संगठन का कहना है कि आश्रित माता-पिता को भी परिवार की गणना में शामिल किया जाना चाहिए। इससे कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन और भत्तों के निर्धारण में अधिक वास्तविक आंकड़ों को ध्यान में रखा जा सकेगा।

फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग

फेडरेशन ने फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की भी मांग की है। मौजूदा प्रस्ताव के अनुसार फिटमेंट फैक्टर को 2.05 से बढ़ाकर 2.10 करने का सुझाव दिया गया है। इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में सीधा फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

ट्रांसपोर्ट अलाउंस में बढ़ोतरी की मांग

संगठन ने लेवल-1 के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम ट्रांसपोर्ट अलाउंस को बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति माह करने की मांग रखी है। फेडरेशन का कहना है कि मौजूदा समय में पेट्रोल, सार्वजनिक परिवहन और यात्रा खर्च में लगातार वृद्धि हुई है, इसलिए ट्रांसपोर्ट अलाउंस में संशोधन जरूरी है।

61 हजार रुपये तक पहुंच सकती है सैलरी

फेडरेशन के अनुसार, अगर उसकी सभी मांगों को स्वीकार किया जाता है तो लेवल-1 के केंद्रीय कर्मचारियों की मासिक सैलरी लगभग 37,080 रुपये से बढ़कर 61,344 रुपये तक पहुंच सकती है। यानी वेतन में करीब 65 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव हो सकती है।हालांकि, यह केवल कर्मचारी संगठन की ओर से दिए गए सुझाव हैं। अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।

2027 में आ सकती हैं सिफारिशें

फिलहाल 8वां वेतन आयोग कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से मिले सुझावों का अध्ययन कर रहा है। सुझाव देने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आयोग विभिन्न स्तरों पर बैठकें कर रहा है।माना जा रहा है कि आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें फरवरी से मई 2027 के बीच केंद्र सरकार को सौंप सकता है। कुछ कर्मचारी संगठनों का अनुमान है कि नई वेतन व्यवस्था की घोषणा अप्रैल 2027 में नए वित्त वर्ष की शुरुआत के आसपास हो सकती है।हालांकि, सिफारिशें लागू होने में समय लग सकता है। अनुमान है कि अगर वेतन वृद्धि की घोषणा 2027 में होती है तो कर्मचारियों को इसका पूरा लाभ 2029 या 2030 तक मिल सकता है। अभी सभी की नजरें 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट और सरकार के फैसले पर टिकी हुई हैं।

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