नई दिल्ली : भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ऑनलाइन ग्रोसरी और जरूरी डिलीवरी सेवाओं में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। खाद्य नियामक ने कहा है कि भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं है, बल्कि यह लोगों के भरोसे और स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। यदि किसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी या डिलीवरी प्लेटफॉर्म की लापरवाही से उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा प्रभावित होती है तो यह गंभीर चिंता का विषय बन जाता है।
FSSAI ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों को लेकर ऑनलाइन ग्रोसरी प्लेटफॉर्मों को 9 नोटिस जारी किए हैं। इन नोटिसों के जरिए कंपनियों से जवाब मांगा गया है और यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके स्तर पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
देश में ऑनलाइन ग्रोसरी और क्विक डिलीवरी सेवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। लोग अब फल, सब्जियां, दूध, पैक्ड फूड और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान मोबाइल ऐप के माध्यम से मंगाने लगे हैं।
ऐसे में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखना और उन्हें सुरक्षित तरीके से ग्राहकों तक पहुंचाना कंपनियों की बड़ी जिम्मेदारी बन गई है। FSSAI का कहना है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है।
ग्राहकों की शिकायतों के बाद कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों और उपभोक्ताओं की शिकायतों के आधार पर नियामक ने यह कदम उठाया है। शिकायतों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, पैकेजिंग, भंडारण और डिलीवरी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे सामने आए हैं।
FSSAI ने कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि खाद्य वस्तुओं के रखरखाव में सभी जरूरी मानकों का पालन किया जाए। साथ ही, कंपनियों को यह भी बताने को कहा गया है कि शिकायतों के समाधान के लिए उनके पास कौन-कौन सी व्यवस्थाएं मौजूद हैं।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेक्टर पर बढ़ी जिम्मेदारी
देश में ऑनलाइन डिलीवरी बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। बड़ी संख्या में लोग इन प्लेटफॉर्मों पर निर्भर हो चुके हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा को लेकर कंपनियों की जिम्मेदारी भी पहले से ज्यादा बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल तेज डिलीवरी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ग्राहकों तक पहुंचने वाला सामान सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण होना भी जरूरी है। खराब स्टोरेज, गलत तापमान पर रखे उत्पाद या एक्सपायर सामान जैसी समस्याएं स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती हैं।
FSSAI ने कंपनियों को दिए निर्देश
खाद्य नियामक ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों से कहा है कि वे खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें। इसमें लाइसेंसिंग, उत्पादों की जांच, स्टोरेज व्यवस्था, सप्लाई चेन की निगरानी और शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करना शामिल है।
FSSAI का कहना है कि खाद्य कारोबार से जुड़ी हर कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री मिले।
भरोसे को बनाए रखना जरूरी
FSSAI ने अपने संदेश में कहा कि भोजन और उपभोक्ता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी भरोसा है। जब लोग किसी कंपनी से खाद्य सामग्री खरीदते हैं तो उन्हें विश्वास होता है कि उत्पाद सुरक्षित होगा।
नियामक का मानना है कि इस भरोसे को बनाए रखना खाद्य उद्योग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की लापरवाही न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि पूरे क्षेत्र की विश्वसनीयता पर असर डालती है।
कंपनियों के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई
FSSAI की ओर से जारी नोटिस के बाद अब संबंधित कंपनियों से जवाब मांगा गया है। कंपनियों के जवाब और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यदि किसी कंपनी की ओर से नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऑनलाइन माध्यम से खाद्य सामग्री खरीदने वाले लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराना जरूरी है।
फिलहाल खाद्य नियामक की इस कार्रवाई से ऑनलाइन ग्रोसरी सेक्टर में सतर्कता बढ़ गई है। आने वाले समय में कंपनियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन और मजबूत करना होगा, ताकि ग्राहकों का भरोसा कायम रखा जा सके।