बड़ी डील के बाद फोकस में Inox Wind, क्या शेयर में आएगी नई तेजी?

Update: 2026-07-29 10:41 GMT

बिजनेस : रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी आयनॉक्स विंड लिमिटेड (Inox Wind) के शेयरों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी को सरकारी क्षेत्र की प्रमुख बिजली कंपनी एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLC India) से 200 मेगावाट (MW) का नया टर्नकी प्रोजेक्ट मिलने की घोषणा के बाद निवेशकों ने शेयर में जमकर खरीदारी की। इस सकारात्मक खबर के चलते कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान करीब 3 प्रतिशत तक उछल गया और बीएसई पर इसका भाव लगभग 78 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऑर्डर कंपनी की भविष्य की आय और कारोबार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह ऑर्डर लगभग 1,600 करोड़ रुपये का है और खास बात यह है कि यह एनएलसी इंडिया की ओर से मिला दोबारा ऑर्डर (Repeat Order) है। किसी ग्राहक द्वारा दोबारा ऑर्डर दिया जाना इस बात का संकेत माना जाता है कि वह कंपनी की गुणवत्ता, समय पर काम पूरा करने की क्षमता और सेवाओं से संतुष्ट है। इससे बाजार में कंपनी की विश्वसनीयता भी मजबूत होती है।

इस प्रोजेक्ट के तहत आयनॉक्स विंड केवल विंड टर्बाइन की आपूर्ति ही नहीं करेगी, बल्कि इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) से लेकर प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद उसके संचालन और रखरखाव (Operation & Maintenance) की पूरी जिम्मेदारी भी निभाएगी। यानी कंपनी इस परियोजना को एक संपूर्ण टर्नकी प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करेगी। कंपनी ने बताया कि लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिलने के बाद अगले 24 महीनों के भीतर इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस नए ऑर्डर के साथ आयनॉक्स विंड की कुल ऑर्डर बुक बढ़कर 4.7 गीगावाट (GW) हो गई है। इतनी बड़ी ऑर्डर बुक को कंपनी के भविष्य के कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। कंपनी के पास अब कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) कंपनियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) और स्वतंत्र बिजली उत्पादकों (IPP) सहित कई बड़े ग्राहकों के प्रोजेक्ट मौजूद हैं। विविध ग्राहकों की मौजूदगी से कंपनी का कारोबार अधिक संतुलित और मजबूत माना जाता है।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) संजीव अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि कंपनी की मजबूत और विविध ऑर्डर पाइपलाइन आने वाले वर्षों में विकास की गति को बनाए रखने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि एनएलसी इंडिया के साथ दोबारा काम करने का अवसर मिलना कंपनी के लिए विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने भरोसा जताया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और सरकार स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई परियोजनाओं को मंजूरी दे रही है। ऐसे माहौल में अनुभवी और तकनीकी रूप से सक्षम कंपनियों की मांग लगातार बढ़ रही है। आयनॉक्स विंड इस अवसर का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है और भविष्य में भी बड़े ऑर्डर हासिल करने की दिशा में काम कर रही है।

हालांकि, कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजे मिश्रित रहे हैं। जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी का समेकित (Consolidated) शुद्ध लाभ 45 प्रतिशत घटकर 105.68 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह लगभग 190 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में कंपनी की परिचालन आय भी दो प्रतिशत से अधिक घटकर 1,244 करोड़ रुपये पर आ गई। कुल आय में मामूली गिरावट और खर्चों में वृद्धि के कारण कंपनी के मुनाफे पर दबाव देखने को मिला।

इसके बावजूद बाजार ने नए ऑर्डर को सकारात्मक रूप से लिया है। निवेशकों का मानना है कि बड़ी ऑर्डर बुक आने वाले समय में कंपनी की आय और मुनाफे को मजबूत आधार प्रदान कर सकती है। लंबी अवधि के निवेशक ऐसे ऑर्डरों को कंपनी की भविष्य की विकास क्षमता का संकेत मानते हैं।

भारत में बढ़ती बिजली मांग, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियां और पवन ऊर्जा परियोजनाओं में बढ़ते निवेश के कारण इस क्षेत्र की कंपनियों के लिए आने वाले वर्षों में अच्छे अवसर दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में आयनॉक्स विंड को मिला 1,600 करोड़ रुपये का यह नया प्रोजेक्ट कंपनी की बाजार स्थिति को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस परियोजना को तय समय में पूरा कर पाती है या नहीं और इसका असर उसके वित्तीय प्रदर्शन पर किस तरह दिखाई देता है।

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