Daughter's के भविष्य के लिए SSY में करें निवेश, 50 लाख रुपये जुटाने का पूरा गणित
New Delhi नई दिल्ली : बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) देशभर में काफी लोकप्रिय बचत योजनाओं में शामिल है। इस योजना में बेटियों की शिक्षा और शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए लंबे समय में अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है। खास बात यह है कि सरकार की छोटी बचत योजनाओं में सुकन्या समृद्धि योजना पर मिलने वाली ब्याज दर सबसे अधिक है।
सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत वर्ष 2015 में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत की गई थी। इस योजना के तहत माता-पिता या कानूनी अभिभावक 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर खाता खुलवा सकते हैं। इसमें हर साल न्यूनतम 250 रुपये से लेकर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है।
50 लाख रुपये का फंड जुटाने के लिए कितना निवेश जरूरी?
अगर कोई अभिभावक अपनी बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में लंबे समय तक निवेश करता है, तो वह एक बड़ा फंड तैयार कर सकता है। मौजूदा ब्याज दर के आधार पर यदि हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जाते हैं, तो मैच्योरिटी पर करीब 71 लाख रुपये तक का फंड तैयार हो सकता है।
हालांकि, यदि लक्ष्य 50 लाख रुपये का फंड बनाना है तो निवेश की राशि और अवधि पर निर्भर करेगा। योजना में मिलने वाला रिटर्न सरकार द्वारा तय ब्याज दर के अनुसार बदल सकता है। इसलिए भविष्य में ब्याज दरों में बदलाव होने पर मिलने वाली राशि भी प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल 8.2 प्रतिशत मिल रहा ब्याज
वर्तमान में सुकन्या समृद्धि योजना पर सरकार की ओर से 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है। केंद्र सरकार हर तिमाही में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है और उसी आधार पर नई दरें तय की जाती हैं।
सरकार ने मौजूदा तिमाही के लिए सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर को 8.2 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा है। यह दर अन्य कई बचत योजनाओं की तुलना में अधिक है, जिसके कारण यह योजना निवेशकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
15 साल तक करना होता है निवेश
सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलने के बाद निवेश की अवधि 15 साल होती है। हालांकि, योजना की मैच्योरिटी अवधि खाता खुलने की तारीख से 21 साल बाद पूरी होती है। यानी बेटी के भविष्य के लिए लंबे समय तक सुरक्षित निवेश का विकल्प मिलता है।
इस योजना में मिलने वाला ब्याज चक्रवृद्धि आधार पर जुड़ता है, जिससे समय के साथ जमा राशि तेजी से बढ़ती है। यही वजह है कि छोटी-छोटी बचत के जरिए भी लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है।
टैक्स में भी मिलता है फायदा
सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने वालों को आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। इसके अलावा योजना से मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि भी टैक्स फ्री होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन अभिभावकों को अपनी बेटी की उच्च शिक्षा या भविष्य के खर्चों के लिए सुरक्षित और बेहतर रिटर्न वाला विकल्प चाहिए, उनके लिए सुकन्या समृद्धि योजना एक अच्छा विकल्प हो सकती है। हालांकि निवेश करने से पहले योजना की सभी शर्तों और मौजूदा ब्याज दरों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।