नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों की सतर्कता से एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ने का मामला सामने आया है। सामान की सुरक्षा जांच के दौरान संदिग्ध वस्तु मिलने के बाद यात्री ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उसे एग्जिट गेट के पास पकड़ लिया। बाद में तलाशी लेने पर उसके अंडरगारमेंट से लगभग 155 ग्राम सोने के पाउडर जैसा पदार्थ बरामद हुआ। घटना के बाद आरोपी को आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया।दिल्ली पुलिस ने सोमवार, 19 अक्टूबर को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए व्यक्ति की पहचान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी मोहम्मद शोएब के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान उसने मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर का एक पता भी बताया है। पुलिस अब बरामद पदार्थ और आरोपी से जुड़ी अन्य जानकारियों की जांच कर रही है।
एक्स-रे मशीन में दिखाई दी संदिग्ध वस्तु
सीआईएसएफ के अनुसार, जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर नियमित सुरक्षा जांच के दौरान यह घटना सामने आई। स्टेशन पर तैनात जवान एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (XBIS) के माध्यम से यात्रियों के सामान की जांच कर रहे थे।इसी दौरान स्क्रीन पर एक संदिग्ध और अधिक घनत्व वाली वस्तु दिखाई दी। सुरक्षाकर्मियों को वस्तु की प्रकृति को लेकर संदेह हुआ, जिसके बाद यात्री की जांच करने की प्रक्रिया शुरू की गई।सामान की जांच के दौरान संदिग्ध वस्तु दिखाई देना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत होता है। इसी वजह से सीआईएसएफ के जवानों ने मामले को गंभीरता से लिया।
भागने की कोशिश की, एग्जिट गेट पर पकड़ा गया
संदिग्ध वस्तु मिलने के बाद यात्री ने सुरक्षाकर्मियों से बचकर निकलने की कोशिश की। हालांकि, मेट्रो स्टेशन पर तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए उसका पीछा कियाजवानों ने उसे स्टेशन के एग्जिट गेट के पास पकड़ लिया। इसके बाद व्यक्ति को सुरक्षा जांच के लिए रोका गया और उसकी तलाशी ली गई।तलाशी के दौरान उसके अंडरगारमेंट में छिपाया गया लगभग 155 ग्राम सोने के पाउडर जैसा पदार्थ मिला। इस बरामदगी के बाद मामला आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया।
मुजफ्फरनगर का रहने वाला है संदिग्ध
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए व्यक्ति का नाम मोहम्मद शोएब है। वह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का निवासी बताया गया है।पूछताछ के दौरान उसने मलेशिया के कुआलालंपुर का भी एक पता बताया। इस जानकारी के सामने आने के बाद पुलिस उसके आवागमन और बरामद पदार्थ से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पदार्थ कहां से लाया गया था और उसे कहां पहुंचाया जाना था। इसके अलावा बरामद सामग्री वास्तव में सोना है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि भी जांच के आधार पर ही होगी।
सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना
मेट्रो स्टेशन पर हुई यह घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। सीआईएसएफ ने इसका 27 सेकंड का वीडियो भी साझा किया है। वीडियो में संदिग्ध व्यक्ति सुरक्षा जांच के बाद अपना बैग उठाकर भागता दिखाई देता है।एक जवान ने तुरंत उसका पीछा किया। यात्री एस्केलेटर की ओर भागा, जबकि जवान सीढ़ियों से दौड़कर गेट नंबर एक के पास पहुंचा और उसे पकड़ लिया। इसके बाद अन्य सुरक्षाकर्मियों की सहायता से उसे वापस स्टेशन लाया गया।
बरामद पदार्थ की जांच जारी
सीआईएसएफ अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध सामग्री अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से में छिपाई गई थी। अधिकारियों को आशंका है कि यह सोने का पेस्ट हो सकता है, लेकिन इसकी वास्तविक पहचान अभी जांच का विषय है।जवानों ने व्यक्ति और बरामद सामग्री को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पदार्थ को छिपाकर ले जाने का उद्देश्य क्या था और इसका किसी अवैध गतिविधि से संबंध है या नहीं।
CISF की सतर्कता से पकड़ा गया संदिग्ध
इस घटना में सुरक्षाकर्मियों की तत्परता महत्वपूर्ण रही। संदिग्ध वस्तु दिखाई देने के बाद जवानों ने तत्काल कार्रवाई की और भाग रहे व्यक्ति को स्टेशन से बाहर निकलने से पहले पकड़ लिया।फिलहाल बरामद पदार्थ की प्रकृति और मामले की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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