दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में लिकटेंस्टीन के हेरेडिटरी प्रिंस एलॉइस और उनकी पत्नी प्रिंसेस सोफी की मेजबानी की। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों की सराहना करते हुए व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया ऐतिहासिक अवसर
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि प्रिंस एलॉइस की यह राजकीय यात्रा भारत और लिकटेंस्टीन के द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण दौर में हो रही है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रिंस एलॉइस इस वर्ष दूसरी बार भारत आए हैं। यह भारत के प्रति उनके लगाव और सद्भावना को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध मित्रता, आपसी सम्मान, शांति, समृद्धि और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साझा मूल्यों पर आधारित हैं।
व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 1993 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से भारत और लिकटेंस्टीन के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। आज दोनों देशों का सहयोग व्यापार, निवेश, तकनीक, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित अनेक क्षेत्रों तक फैल चुका है।
पीएम मोदी से भी हुई अहम बातचीत
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रिंस एलॉइस के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। बातचीत में व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने पर चर्चा हुई।
भारत यात्रा को बताया महत्वपूर्ण
प्रिंस एलॉइस ने भारत की अपनी राजकीय यात्रा पर खुशी जताते हुए कहा कि लिकटेंस्टीन भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते को दोनों देशों के संबंधों में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
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