चेन्नई। अंतर्राष्ट्रीय एयर ट्रैफिक कंट्रोलर दिवस के अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने देशभर के एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों को शुभकामनाएं दीं और विमानन क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम को नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय हवाई क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश में हवाई यात्रियों और विमानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे एयर ट्रैफिक प्रबंधन की जिम्मेदारियां भी बढ़ती जा रही हैं।
एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों को दी शुभकामनाएं
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कार्यक्रम की जानकारी साझा की। प्राधिकरण के अनुसार, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने चेन्नई में एकत्रित एयर ट्रैफिक कंट्रोल कर्मियों को अंतर्राष्ट्रीय एयर ट्रैफिक कंट्रोलर दिवस की शुभकामनाएं दीं।मंत्री ने कहा कि हवाई यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।उन्होंने इन कर्मियों के समर्पण, अनुशासन और कार्यकुशलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के पीछे कई विशेषज्ञों की मेहनत होती है।
28 लाख वर्ग समुद्री मील हवाई क्षेत्र की जिम्मेदारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राम मोहन नायडू ने बताया कि भारतीय एयर ट्रैफिक कंट्रोलर लगभग 28 लाख वर्ग समुद्री मील के विशाल हवाई क्षेत्र का प्रबंधन करते हैं।यह क्षेत्र भारत के भौगोलिक क्षेत्रफल से लगभग तीन गुना अधिक है। इसमें देश के स्थलीय क्षेत्र के साथ समुद्री हवाई क्षेत्र भी शामिल है।इतने बड़े हवाई क्षेत्र में विमानों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना एक जटिल जिम्मेदारी है। इसके लिए आधुनिक तकनीक, निरंतर निगरानी और विभिन्न नियंत्रण केंद्रों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक होता है।
तेजी से बढ़ रहा देश का विमानन नेटवर्क
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में हवाई यात्रा की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। नए हवाई अड्डों का विकास, विमानन कंपनियों के बेड़े का विस्तार और आधुनिक विमानों का इस्तेमाल इस क्षेत्र को नई दिशा दे रहा है।हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं।उन्होंने कहा कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल व्यवस्था न केवल विमानों को सुरक्षित दूरी पर बनाए रखने में मदद करती है, बल्कि अनावश्यक देरी कम करने और हवाई यातायात के बेहतर संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों की फिटनेस पर जोर
राम मोहन नायडू ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारियों की शारीरिक और मानसिक फिटनेस के महत्व पर भी जोर दिया।उन्होंने बताया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों की फिटनेस का मूल्यांकन नियमित रूप से किया जाता है। यह आवश्यक है, क्योंकि इन अधिकारियों को लगातार सतर्क रहकर अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय लेने होते हैं।हवाई यातायात नियंत्रण का कार्य उच्च स्तर की एकाग्रता, त्वरित निर्णय क्षमता और तकनीकी दक्षता की मांग करता है।
चेन्नई एयरपोर्ट में आयोजित हुए विशेष कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय एयर ट्रैफिक कंट्रोलर दिवस के अवसर पर चेन्नई हवाई अड्डे में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संगोष्ठियों का आयोजन किया गया।इन कार्यक्रमों के माध्यम से विमानन सुरक्षा, तकनीकी प्रगति और हवाई यातायात प्रबंधन में एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों के योगदान को रेखांकित किया गया।चेन्नई हवाई अड्डे पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवाओं की शुरुआत वर्ष 1932 में हुई थी। इस वर्ष इन सेवाओं के 94 वर्ष पूरे हुए हैं।
हर उड़ान के पीछे रहती है महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
एयर ट्रैफिक कंट्रोलर विमानों के उड़ान भरने, उतरने और निर्धारित हवाई मार्गों पर सुरक्षित संचालन की निगरानी करते हैं।उनकी जिम्मेदारी यात्री विमानों तक सीमित नहीं है। मालवाहक विमान, हेलीकॉप्टर और मेडिकल एयर एम्बुलेंस जैसी उड़ानें भी हवाई यातायात नियंत्रण व्यवस्था के अंतर्गत संचालित होती हैं।विभिन्न नियंत्रण केंद्र आपसी समन्वय के माध्यम से विमानों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करते हैं।
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी विमानन सुरक्षा
देश में विमानन क्षेत्र के विस्तार को देखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल व्यवस्था को आधुनिक बनाने की आवश्यकता भी बढ़ रही है।भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण हवाई यातायात प्रबंधन के बुनियादी ढांचे और तकनीकी प्रणालियों के उन्नयन पर काम कर रहा है। इसमें निगरानी उपकरणों, संचार प्रणालियों और नियंत्रण सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास शामिल हैं।अंतर्राष्ट्रीय एयर ट्रैफिक कंट्रोलर दिवस पर केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू का संदेश विमानन सुरक्षा में कार्यरत उन पेशेवरों के योगदान को सम्मान देने पर केंद्रित रहा, जो यात्रियों की नजरों से दूर रहकर हर दिन हजारों उड़ानों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।