नई दिल्ली/हैदराबाद। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की है। जांच एजेंसी ने मामले में वांछित आरोपियों में शामिल अभिषेक कुमार को दुबई से भारत पहुंचने के बाद हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। CBI का आरोप है कि अभिषेक कुमार महादेव बुक के तहत ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ नेटवर्क के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाता था तथा उससे होने वाली कथित अवैध कमाई के प्रबंधन में भी शामिल था।CBI की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अभिषेक कुमार दुबई से हैदराबाद पहुंचा था। एयरपोर्ट पर पहुंचने के तुरंत बाद जांच एजेंसी ने उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसकी तलाशी ली गई, जिसमें एजेंसी ने कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद करने का दावा किया है।CBI के मुताबिक, शुरुआती जांच में जब्त सामग्री से महादेव सट्टेबाजी ऐप के संचालन में आरोपी की कथित सक्रिय भूमिका से संबंधित जानकारी मिली है। हालांकि उसके खिलाफ आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर होगा।
महादेव बुक के संचालन में सक्रिय भूमिका का आरोप
CBI की अब तक की जांच में आरोप है कि अभिषेक कुमार महादेव बुक के तहत चलने वाले ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ संचालन से जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसी का दावा है कि वह नेटवर्क के अलग-अलग पैनलों के समन्वय, उनसे धन इकट्ठा करने और कथित अवैध कमाई के प्रबंधन में सक्रिय था।महादेव बुक मामले में जांच एजेंसियां लंबे समय से ऐसे ऑनलाइन पैनलों और नेटवर्क की जांच कर रही हैं, जिनके माध्यम से कथित रूप से सट्टेबाजी गतिविधियों का संचालन किया जाता था।CBI के मुताबिक, अभिषेक कुमार की भूमिका केवल संचालन और पैनलों के समन्वय तक सीमित नहीं थी। जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि सट्टेबाजी और जुए से हासिल कथित अवैध आय का इस्तेमाल दुबई में अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।इन वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच के जरिए एजेंसी धन के स्रोत और नेटवर्क में शामिल दूसरे लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
गिरफ्तारी के बाद तलाशी में सामग्री जब्त
अभिषेक कुमार की गिरफ्तारी के तुरंत बाद CBI अधिकारियों ने उसकी तलाशी ली। एजेंसी के अनुसार, तलाशी के दौरान उसके कब्जे से कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया।CBI का दावा है कि जब्त सामग्री से प्रथम दृष्टया महादेव सट्टेबाजी ऐप के संचालन में उसकी सक्रिय भूमिका के संकेत मिलते हैं।जांच एजेंसी अब जब्त सामग्री की विस्तृत पड़ताल करेगी। इसमें डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्क, वित्तीय लेनदेन या मामले से संबंधित अन्य दस्तावेज शामिल हैं या नहीं, इसकी आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।
सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी से कनेक्शन का दावा
CBI ने यह भी आरोप लगाया है कि अभिषेक कुमार ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े अन्य प्रमुख आरोपियों सौरभ चंद्राकर और शुभम सोनी के साथ मिलकर काम किया था।सौरभ चंद्राकर का नाम महादेव ऑनलाइन बुक मामले में लंबे समय से प्रमुख आरोपियों के रूप में जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में आता रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी अपनी जांच में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े प्रमुख लोगों के रूप में नामित किया था।अभिषेक कुमार की गिरफ्तारी के बाद अब CBI उससे नेटवर्क की संरचना, ऑनलाइन पैनलों के संचालन, रकम इकट्ठा करने की व्यवस्था और अन्य कथित सहयोगियों के संबंध में पूछताछ कर सकती है।
विदेश में बैठे आरोपियों पर एजेंसियों की नजर
महादेव ऑनलाइन बुक मामले की जांच में विदेश से नेटवर्क संचालित किए जाने का पहलू शुरू से महत्वपूर्ण रहा है। ED की जांच में भी दावा किया गया था कि महादेव ऑनलाइन बुक का संचालन बड़े स्तर पर विदेश से किया जाता था और भारत में अलग-अलग पैनलों के माध्यम से नेटवर्क फैलाया गया था।इसी कारण जांच एजेंसियां विदेश में मौजूद या वहां से भारत आने वाले वांछित आरोपियों पर लगातार नजर रख रही हैं।अभिषेक कुमार के दुबई से हैदराबाद पहुंचते ही हुई गिरफ्तारी को इसी जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है।
CBI के पास कैसे पहुंचा मामला
छत्तीसगढ़ सरकार ने अगस्त 2024 में महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मामलों की जांच CBI को सौंपने का फैसला किया था। इसके बाद CBI ने राज्य पुलिस की ओर से दर्ज कई मामलों को अपने हाथ में लिया और जांच आगे बढ़ाई।मार्च 2025 में CBI ने इस मामले में छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया था। उस समय एजेंसी ने रायपुर, भोपाल, कोलकाता और दिल्ली समेत दर्जनों स्थानों पर छापेमारी की थी।जांच में कथित सट्टेबाजी नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और विभिन्न लोगों की भूमिकाओं से जुड़े दस्तावेजों तथा डिजिटल सामग्री की पड़ताल की जा रही है।
ऑनलाइन पैनल सिस्टम की जांच
महादेव बुक मामले में ऑनलाइन पैनल सिस्टम जांच एजेंसियों के लिए प्रमुख बिंदुओं में से एक रहा है। आरोप है कि नेटवर्क अलग-अलग पैनलों के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन करता था और उनसे प्राप्त रकम को विभिन्न माध्यमों से आगे पहुंचाया जाता था।CBI अब अभिषेक कुमार से यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि वह किन पैनलों से जुड़ा था, उनके संचालन में उसकी क्या भूमिका थी और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन कैसे किए जाते थे।इसके साथ ही एजेंसी कथित अवैध कमाई से दुबई में खरीदी गई अचल संपत्तियों के बारे में भी जानकारी जुटा सकती है। संपत्तियों के स्वामित्व, भुगतान के स्रोत और संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड जांच के महत्वपूर्ण पहलू हो सकते हैं।
गिरफ्तारी से जांच को मिल सकती है नई कड़ी
अभिषेक कुमार की गिरफ्तारी के बाद CBI के सामने अब महादेव बुक नेटवर्क से संबंधित कई महत्वपूर्ण सवालों की जांच का रास्ता खुला है। एजेंसी का दावा है कि वह नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाता था और दूसरे प्रमुख आरोपियों के संपर्क में था।अब उससे पूछताछ और जब्त सामग्री की जांच के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि नेटवर्क के संचालन, पैनलों के समन्वय और धन के लेनदेन में और कौन-कौन लोग शामिल थे।महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामला लंबे समय से विभिन्न जांच एजेंसियों के रडार पर है। इस मामले में कई गिरफ्तारियां, छापेमारी और संपत्तियों से जुड़ी कार्रवाई पहले भी की जा चुकी है।फिलहाल अभिषेक कुमार की गिरफ्तारी CBI जांच की नई कड़ी है। एजेंसी की ओर से उसके खिलाफ लगाए गए आरोप जांच और न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं। मामले में आगे की पूछताछ और जब्त सामग्री की पड़ताल के बाद नेटवर्क से जुड़ी और जानकारियां सामने आ सकती हैं।