नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में एक नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद राजधानी के पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को राजधानी के पार्कों का एक सप्ताह के भीतर व्यापक सुरक्षा ऑडिट करने का निर्देश दिया है। ऑडिट में पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था, नियमित गश्त और साफ-सफाई जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।निर्देशों के बाद DDA के वाइस चेयरमैन ने प्राधिकरण के सभी पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पार्कों में ऐसे स्थानों की पहचान करने कोकहा गया है जहां पर्याप्त रोशनी नहीं है या सुरक्षा की दृष्टि से अतिरिक्त व्यवस्था की जरूरत है।यह कार्रवाई कालकाजी मंदिर के पास स्थित आस्था कुंज पार्क में एक किशोरी से कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद की गई
है। पुलिस के मुताबिक किशोरी अपने नाबालिग दोस्त के साथ पार्क में गई थी। आरोप है कि तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोका और इसके बाद किशोरी से कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।घटना सामने आने के बाद पार्कों में अंधेरे स्थानों, पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। इसके बाद उपराज्यपाल ने केवल आस्था कुंज ही नहीं बल्कि दिल्ली के अन्य पार्कों में भी सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने के निर्देश दिए।आस्था कुंज DDA के प्रमुख हरित क्षेत्रों में शामिल है। प्राधिकरण के मुताबिक यह करीब 200 एकड़ में फैला है और नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास स्थित है। इसके आसपास कालकाजी मंदिर, बहाई लोटस टेंपल और इस्कॉन मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल हैं।
रोशनी पर रहेगा विशेष ध्यान
सुरक्षा ऑडिट के दौरान पार्कों के उन हिस्सों की पहचान महत्वपूर्ण होगी जहां शाम और रात में पर्याप्त रोशनी नहीं रहती। पार्क के प्रवेश और निकास द्वार, पैदल रास्ते, झाड़ियों के आसपास के हिस्से और अपेक्षाकृत सुनसान जगहों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।अंधेरे स्थानों की पहचान होने के बाद संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर वहां प्रकाश व्यवस्था बेहतर करने पर काम किया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने भी शहर में खराब रोशनी वाले स्थानों और निष्क्रिय CCTV कैमरों की पहचान करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
पुलिस गश्त भी बढ़ाई जाएगी
उपराज्यपाल के निर्देशों के तहत दिल्ली पुलिस को पार्कों और उनके आसपास बीट पेट्रोलिंग मजबूत करने को कहा गया है। इसमें Pink Police कर्मियों की तैनाती भी शामिल होगी। खासकर महिलाओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों और शाम के समय संवेदनशील माने जाने वाले स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं बल्कि संभावित खतरे को पहले ही पहचानकर उसे कम करना है। नियमित गश्त होने से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तेजी से प्रतिक्रिया देने में मदद मिल सकती है।
CCTV कैमरों की भी होगी समीक्षा
पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को खराब या बंद पड़े CCTV कैमरों की पहचान करने को भी कहा है। पार्कों, सड़कों और सुनसान स्थानों पर निगरानी व्यवस्था में मौजूद कमियों की जानकारी संबंधित नागरिक एजेंसियों को दी जाएगी ताकि उन्हें दूर किया जा सके।जहां CCTV कैमरे मौजूद हैं वहां यह देखा जाएगा कि वे सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं और महत्वपूर्ण स्थान उनकी निगरानी के दायरे में हैं या नहीं। जिन क्षेत्रों में कैमरों की आवश्यकता महसूस होगी वहां अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है।
साफ-सफाई भी सुरक्षा ऑडिट का हिस्सा
DDA को पार्कों की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। अत्यधिक बढ़ी झाड़ियां या अव्यवस्थित क्षेत्र कई बार दृश्यता को कम कर सकते हैं। इसलिए नियमित रखरखाव को भी सुरक्षा व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है।DDA दिल्ली में जिला पार्कों, पड़ोस के पार्कों, खेल मैदानों और कई बड़े हरित क्षेत्रों के डिजाइन तथा रखरखाव से जुड़ा है। आस्था कुंज भी प्राधिकरण के प्रमुख हरित स्थलों में शामिल है।
छात्रों ने भी उठाए सुरक्षा के सवाल
घटना के बाद आसपास के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्राओं ने आसपास की सड़कों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होने, PCR वाहनों की कम मौजूदगी और Pink Police बूथ से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया।इन शिकायतों के बाद पार्कों के साथ आसपास की सड़कों और सुनसान हिस्सों की सुरक्षा भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय बन गई है।
एक सप्ताह में पूरा करना होगा ऑडिट
उपराज्यपाल के निर्देश के मुताबिक सुरक्षा ऑडिट एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाना है। इसके जरिए पार्कों में मौजूद कमियों की पहचान की जाएगी और यह तय किया जाएगा कि किस स्थान पर किस तरह के सुधार की जरूरत है।ऑडिट में सामने आने वाली कमियों के आधार पर रोशनी, निगरानी, गश्त, साफ-सफाई और सुरक्षा कर्मियों से जुड़ी व्यवस्था मजबूत की जाएगी। संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय पर भी जोर रहेगा ताकि समस्याओं को केवल चिन्हित करने के बजाय उन्हें समय पर दूर किया जा सके।दिल्ली पुलिस को पार्कों और आसपास के क्षेत्रों में नियमित गश्त बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों को पार्कों के अलावा सड़कों और अन्य सुनसान इलाकों में सुरक्षा से जुड़ी कमियों की पहचान करने को कहा गया है।आस्था कुंज की घटना के बाद शुरू हुई यह कवायद अब दिल्ली के पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा में बदल गई है। प्रशासन के सामने चुनौती यह सुनिश्चित करने की होगी कि ऑडिट में सामने आने वाली कमियों को तेजी से दूर किया जाए और पार्कों में आने वाले लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल बनाया जा सके।