नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर द्वारका सेक्टर-10 में आयोजित भव्य दशहरा समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल हुईं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में फैली भ्रष्टाचार, नशाखोरी, अपराध, भेदभाव और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार जैसी बुराइयों को समाप्त करने के लिए सभी नागरिकों को मिलकर प्रयास करने होंगे।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विजयादशमी केवल भगवान श्रीराम द्वारा रावण के वध का उत्सव नहीं है, बल्कि यह सत्य, धर्म और न्याय की विजय का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने लोगों से भगवान राम के आदर्शों को व्यवहार में अपनाने और समाज को बेहतर बनाने का संकल्प लेने की अपील की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का किया भव्य स्वागत
द्वारका सेक्टर-10 में आयोजित रामलीला समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम के मंच से राष्ट्रपति का स्वागत किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की प्रथम नागरिक का इस आयोजन में शामिल होना दिल्लीवासियों के लिए गौरव और प्रसन्नता का अवसर है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की उपस्थिति से विजयादशमी का यह आयोजन और भी विशेष बन गया है। दिल्ली की जनता की ओर से मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति का हार्दिक अभिनंदन किया।
भगवान श्रीराम के आदर्श अपनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि समाज में मौजूद बुराइयों को समाप्त करने के लिए केवल कानून और प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिकों को भी अपने व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना होगा।मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार, नशीले पदार्थों के सेवन, अपराध, सामाजिक भेदभाव और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे मुक्ति पाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।उन्होंने लोगों से नफरत को समाप्त कर प्रेम, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करने की अपील की।
विजयादशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं
रेखा गुप्ता ने कहा कि विजयादशमी का वास्तविक संदेश बुराई पर अच्छाई की विजय है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि असत्य कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः सत्य और न्याय की ही जीत होती है।उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों को आधुनिक समाज के लिए प्रासंगिक बताते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में अनुशासन, जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों का पालन करना चाहिए।मुख्यमंत्री ने देश के विकास में भागीदारी निभाने और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने भी दिया धर्म और न्याय का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दशहरा अधर्म और अन्याय पर धर्म तथा न्याय की विजय का उत्सव है।राष्ट्रपति ने भगवान श्रीराम के जीवन को आदर्श आचरण और नैतिक मूल्यों का प्रतीक बताया।उन्होंने कहा कि देश और विदेश में आयोजित होने वाली रामलीलाओं के माध्यम से करोड़ों लोग रामकथा के महान आदर्शों का स्मरण करते हैं। ये आयोजन सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
221 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन
द्वारका श्री रामलीला सोसायटी की ओर से आयोजित 15वें रामलीला महोत्सव का समापन विजयादशमी पर हुआ। इस अवसर पर 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रावण दहन कार्यक्रम में भाग लिया। समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।आयोजन समिति के अनुसार, इस वर्ष रामलीला महोत्सव 11 अक्टूबर से शुरू हुआ था और 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ संपन्न हुआ।
सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का लिया संकल्प
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे नशाखोरी, भ्रष्टाचार, अपराध और महिलाओं के प्रति भेदभाव जैसी समस्याओं के खिलाफ जागरूक रहें तथा सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा दें।द्वारका में आयोजित दशहरा समारोह धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी लेकर आया। मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के अवसर पर नागरिकों से देश की प्रगति, सामाजिक एकता और बेहतर भविष्य के निर्माण में योगदान देने की अपील की।