दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को 'ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन' के 'दीवाली बाज़ार 2026' का उद्घाटन किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दृष्टिबाधित कारीगरों के हाथ से बने उत्पाद खरीदकर उनका समर्थन करें। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 'मुख्यमंत्री जनसेवा सदन' के लिए सजावटी और रोज़मर्रा के काम आने वाली चीज़ें इसी सात दिवसीय मेले से खरीदी जाएंगी, जहाँ 250 से ज़्यादा स्टॉल लगे हैं।
इस दौरान, गुप्ता ने स्टॉलों का दौरा किया, कुछ उत्पाद खरीदे और कारीगरों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि शारीरिक चुनौतियाँ किसी व्यक्ति की प्रतिभा, उसके सपनों या आत्मनिर्भर बनने की क्षमता के आड़े नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित लोगों में अद्भुत कौशल और रचनात्मकता होती है। समाज को उनके काम का समर्थन करके उनकी क्षमताओं को पहचानना चाहिए और उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसा बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है जो सभी के लिए सुलभ हो। साथ ही, सरकार दिव्यांगजनों को समान अवसर देने के लिए भी काम कर रही है, ताकि वे सम्मान के साथ अपना जीवन जी सकें। गुप्ता ने 'कैफे मस्त' का भी दौरा किया। यह कैफे उन दृष्टिबाधित युवाओं द्वारा चलाया जाता है जो संस्था के 'मल्टी-स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम' से जुड़े हैं। उन्होंने वहाँ खाना भी खाया। यहाँ काम करने वाले युवा खुद ही कैफे का सारा कामकाज संभालते हैं—चाहे वह खाना बनाना हो, ग्राहकों की सेवा करना हो या पैसों का लेन-देन।
उनके आत्मविश्वास और कार्यकुशलता की सराहना करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को अपनी क्षमताएं दिखाने का मौका देना बहुत ज़रूरी है। गुप्ता ने लोगों से इस बाज़ार में आने और दृष्टिबाधित कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पाद खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह के समर्थन से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे। 'ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन' का 'दीवाली बाज़ार' पिछले 45 से ज़्यादा वर्षों से राजधानी की उत्सव परंपरा का हिस्सा रहा है। इस साल, यह सात दिवसीय मेला 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें 250 से ज़्यादा स्टॉल लगे हैं, जहाँ सजावटी, हाथ से बनी और रोज़मर्रा के काम आने वाली चीज़ें उपलब्ध हैं।