नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राष्ट्रीय राजधानी के सुनियोजित विकास और किसानों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों के तहत एक महीने तक चलने वाले 'सुधार उत्सव' (Reform Utsav) अभियान के अंतर्गत दिल्ली के लैंड पूलिंग क्षेत्रों में आने वाले गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जमीन मालिकों, किसानों और अन्य हितधारकों को लैंड पूलिंग नीति के तहत प्रस्तावित विकास मॉडलों की जानकारी देना और उनकी शंकाओं का समाधान करना है।दिल्ली विकास प्राधिकरण के अनुसार, राजधानी को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए गांवों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों और जमीन मालिकों से सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है।
गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रहा DDA
सुधार उत्सव अभियान के तहत दिल्ली के लैंड पूलिंग क्षेत्रों के गांवों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में DDA अधिकारी जमीन मालिकों और किसानों को नीति के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दे रहे हैं।कार्यक्रमों के दौरान लोगों को समझाया जा रहा है कि लैंड पूलिंग नीति के तहत प्रस्तावित विकास मॉडल क्या हैं और उन्हें लागू करने के लिए किस प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय निवासियों को योजना से संबंधित सवाल पूछने और अपनी चिंताएं सामने रखने का अवसर भी दिया जा रहा है।
विकसित भारत 2047 के विजन से जुड़ी पहल
DDA के अनुसार, यह अभियान 'विकसित भारत 2047' के व्यापक विजन को ध्यान में रखते हुए संचालित किया जा रहा है। दिल्ली मास्टर प्लान 2047 (MPD-2047) का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी को आधुनिक, समावेशी और टिकाऊ शहर के रूप में विकसित करना है।इस योजना के तहत दिल्ली के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शहरी विकास को बेहतर तरीके से नियोजित करने पर जोर दिया गया है। इसका लक्ष्य एक ऐसा शहर तैयार करना है, जहां विकास के अवसर सभी वर्गों तक पहुंच सकें और राजधानी भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयार हो।
किसानों और जमीन मालिकों को मिलेगा सवाल पूछने का अवसर
लैंड पूलिंग नीति को लेकर किसानों और जमीन मालिकों के मन में कई तरह के सवाल हो सकते हैं। इन्हीं सवालों का समाधान करने के उद्देश्य से DDA ने जागरूकता कार्यक्रमों में सीधे संवाद को प्राथमिकता दी है।इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोग अपनी जमीन से जुड़ी चिंताओं, विकास मॉडल और नीति के क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी अधिकारियों से प्राप्त कर सकते हैं। इससे लोगों को नीति के उद्देश्यों और प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जनभागीदारी से विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर
DDA का मानना है कि किसी भी विकास योजना को प्रभावी बनाने के लिए उससे जुड़े लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। इसी उद्देश्य से सुधार उत्सव अभियान में गांव स्तर पर संवाद और जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।इस अभियान के जरिए प्राधिकरण स्थानीय लोगों को केवल नीति की जानकारी ही नहीं दे रहा, बल्कि उन्हें अपनी राय और चिंताएं सामने रखने का मंच भी उपलब्ध करा रहा है। इससे लैंड पूलिंग नीति के क्रियान्वयन में लोगों की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
एक महीने तक चलेगा जागरूकता अभियान
सुधार उत्सव अभियान एक महीने तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान लैंड पूलिंग क्षेत्रों के गांवों में जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए किसानों, जमीन मालिकों और अन्य हितधारकों से संवाद किया जाएगा।DDA के अनुसार, अभियान का उद्देश्य लोगों के बीच नीति को लेकर स्पष्टता बढ़ाना और प्रस्तावित विकास प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए यह पहल राजधानी के योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
जमीन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
DDA के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, लैंड पूलिंग योजना के अंतर्गत 105 गांवों के लिए भागीदारी की इच्छा दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। इच्छुक जमीन मालिक पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया और योजना से जुड़े दिशा-निर्देश देख सकते हैं।
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