दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन चक्र, वाहन चोरों पर बड़ी कार्रवाई

Update: 2026-07-28 14:23 GMT

नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने वाहन चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित गिरोहों पर शिकंजा कसा है। पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान "ऑपरेशन चक्र" के तहत महज 72 घंटे में 25 वाहन चोरों को गिरफ्तार किया गया है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने चोरी के 116 वाहनों को बरामद किया, जिससे वाहन चोरी के कई मामलों का खुलासा हुआ है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वाहन चोरी करने वाले गिरोह केवल चोरी तक सीमित नहीं थे, बल्कि चोरी के वाहनों को छिपाने, खरीद-फरोख्त करने और उन्हें दूसरे स्थानों पर ठिकाने लगाने का पूरा नेटवर्क संचालित कर रहे थे। पुलिस ने इसी संगठित नेटवर्क को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन चक्र शुरू किया था।

पश्चिमी जिला पुलिस के उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि इस अभियान में जिले के सभी थानों के साथ-साथ एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस), स्पेशल स्टाफ और नारकोटिक्स यूनिट को शामिल किया गया था। पुलिस टीमों ने खुफिया सूचनाओं, तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और लगातार छापेमारी के आधार पर आरोपितों तक पहुंच बनाई।

अभियान शुरू करने से पहले पुलिस ने वाहन चोरी के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान की। इसके बाद संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त नाकाबंदी कर जांच अभियान चलाया गया। पुलिस ने चोरी के वाहन खरीदने वाले लोगों और उन्हें छिपाने वाले ठिकानों पर भी एक साथ कार्रवाई की।

पुलिस की कार्रवाई में बरामद 116 वाहनों में 113 दोपहिया वाहन, दो तिपहिया वाहन और एक चारपहिया वाहन शामिल हैं। इनमें से 46 वाहन पश्चिमी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से चोरी किए गए थे, जबकि 70 वाहन राजधानी के अन्य जिलों से चोरी हुए थे। इन वाहनों की बरामदगी से पुलिस ने कुल 116 वाहन चोरी के मामलों को सुलझाने का दावा किया है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कई आरोपी पुराने वाहन चोर हैं। कुछ आरोपित पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और कुछ को जिला बदर तक किया जा चुका है। पुलिस अब इन आरोपितों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनके गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और चोरी के वाहनों को कहां-कहां बेचा जाता था।

ऑपरेशन चक्र के दौरान पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए कई स्तरों पर रणनीति अपनाई। इसमें मोबाइल पेट्रोलिंग बढ़ाना, संदिग्ध वाहनों की जांच, लावारिस वाहनों का सत्यापन, अपराधियों की निगरानी और अलग-अलग पुलिस इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल शामिल था।

वाहनों की बरामदगी में पुलिस की विभिन्न इकाइयों ने अहम भूमिका निभाई। एएटीएस ने 16 वाहन बरामद किए, जबकि पंजाबी बाग और तिलक नगर थाना पुलिस ने 12-12 वाहन बरामद किए। विकासपुरी और ख्याला थाना पुलिस ने 10-10 वाहन, नारायणा और राजौरी गार्डन ने आठ-आठ वाहन बरामद किए। इसके अलावा कीर्ति नगर और इंद्रपुरी पुलिस ने छह-छह, जनकपुरी ने पांच, मोती नगर और हरि नगर ने चार-चार वाहन बरामद किए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन चक्र का उद्देश्य केवल चोरी के वाहनों को बरामद करना नहीं, बल्कि पूरे आपराधिक नेटवर्क को खत्म करना है। पुलिस अब आरोपितों के पुराने रिकॉर्ड, उनके संपर्कों और चोरी के वाहनों की सप्लाई चेन की जांच कर रही है।

दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरी करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे अभियानों के माध्यम से संगठित अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि राजधानी में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

Tags:    

Similar News