कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने दिल्ली के बाहरी इलाकों में विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगहें आवंटित करने की मांग करते हुए एक ऑनलाइन याचिका शुरू की है। उनका कहना है कि शहर के मुख्य इलाकों में बार-बार होने वाले विरोध-प्रदर्शनों से व्यापारिक गतिविधियों और व्यापारियों की आजीविका पर बुरा असर पड़ता है।
राष्ट्रीय राजधानी के व्यापारियों ने प्रमुख व्यापारिक इलाकों में होने वाले विरोध-प्रदर्शनों को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे ग्राहकों का आना-जाना, ट्रैफिक की आवाजाही, सामान की डिलीवरी और रोजमर्रा के कारोबारी कामकाज प्रभावित होते हैं। CAIT ने सरकार से अपील की है कि विरोध-प्रदर्शन के लिए कुछ खास जगहें तय की जाएं, ताकि लोगों को विरोध करने का अधिकार भी मिले और कारोबार भी बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
दिल्ली के कई व्यापारिक संगठनों ने मिलकर जनसमर्थन जुटाने के लिए यह याचिका शुरू की है। इस मुद्दे पर चर्चा करने, संभावित समाधान खोजने और एक संयुक्त रणनीति बनाने के लिए, CAIT ने सोमवार को शहर भर के व्यापारिक नेताओं के साथ एक ऑनलाइन बैठक भी बुलाई है।
CAIT के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विपिन आहूजा, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुमित अग्रवाल, दिल्ली प्रदेश महासचिव आशीष ग्रोवर, चांदनी चौक ट्रेडर्स परिषद के अध्यक्ष सुरेश बिंदल, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव, खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा और किराना कमेटी के अध्यक्ष गंगा बिशन गुप्ता ने कहा कि बार-बार होने वाले विरोध-प्रदर्शनों से ग्राहकों का आना-जाना, परिवहन और रोजमर्रा के कारोबारी कामकाज बाधित होते हैं।
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