नई दिल्ली/गाजियाबाद। राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद में आवारा कुत्तों के हमले का दर्दनाक मामला सामने आया है। मसूरी थाना क्षेत्र के नहर गांव में चार साल के मासूम पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बच्चे की दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है।
जानकारी के मुताबिक, नहर गांव निवासी अनीश का चार वर्षीय बेटा 12 अगस्त को स्कूल से घर लौट रहा था। सुबह करीब 11:30 बजे रास्ते में आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक उस पर हमला कर दिया। परिजनों के अनुसार, झुंड में चार से पांच कुत्ते शामिल थे। हमले में मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान आए।
घटना के बाद परिजन बच्चे को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे गाजियाबाद के एमएमजी अस्पताल रेफर किया गया। हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने बच्चे को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया।
जीटीबी अस्पताल में मासूम का कई दिनों तक इलाज चला। डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा था, लेकिन हमले के चौथे दिन बच्चे की हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
एसीपी मसूरी सुनील कुमार के मुताबिक, स्कूल से लौटते समय मासूम पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला किया था। घायल बच्चे को पहले एमएमजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां से उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस को रविवार को इलाज के दौरान बच्चे की मौत की सूचना मिली।
मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। घटना ने इलाके में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनकी रोकथाम को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है।
लोगों का आरोप है कि आवारा कुत्तों को लेकर शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई लगातार नहीं हो पाती। किसी गंभीर घटना के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई की बात कही जाती है, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्कूल आने-जाने वाले छोटे बच्चों को ऐसे हमलों से बचाने के लिए विशेष कदम उठाए जाने चाहिए।
गाजियाबाद में आवारा कुत्तों के हमले से मासूम की मौत की इस घटना ने एक बार फिर नगर निकाय और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि घटना के बाद आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।