झारखंड में छात्र आंदोलन तेज, हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के खिलाफ पुतला दहन
मुख्यमंत्री आवास घेराव
Ranchi रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। रविवार को आंदोलन के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ पुतला दहन का कार्यक्रम रखा गया। प्रदर्शनकारी निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं की जांच और अपनी लंबित मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आंदोलन कई दिनों से जारी है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि राज्य की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े गंभीर सवाल हैं। इसी मुद्दे को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए आंदोलन को अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ा रहे हैं। 15 अगस्त को भी छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकालकर अपनी मांगों को उठाया था।
आंदोलनकारी छात्रों ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ नाराजगी जताने के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया है। छात्र कांग्रेस से झारखंड की गठबंधन सरकार को दिए जा रहे समर्थन पर पुनर्विचार करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य के सभी 24 जिलों में हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले जलाने की घोषणा की थी। छात्रों ने आंदोलन के अगले चरण में 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का भी ऐलान किया है। उनका कहना है कि मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी आंदोलन के दौरान उठाई गई है।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों से किसी के बहकावे में नहीं आने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार छात्रों की आवाज का सम्मान करती है और गड़बड़ी के लिए दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में भी मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। इस बीच छात्र आंदोलन को लेकर झारखंड की राजनीति भी गरमा गई है। भाजपा ने 20 अगस्त के प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव को नैतिक समर्थन दिया है, जबकि झामुमो ने छात्रों से आंदोलन को किसी राजनीतिक भड़कावे में आकर गलत दिशा में नहीं ले जाने की अपील की है। नोट: उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतला दहन की पुष्टि/घोषणा मिलती है, लेकिन तेजस्वी यादव का पुतला जलाए जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए खबर में इस दावे को तथ्य के रूप में शामिल नहीं किया गया है।